COVID resurgence 4 deaths and 12 new cases spark alarm

कोरोना की वापसी की आशंका: 4 मौतें और 12 नए केस से हड़कंप

कोरोना की वापसी की आशंका: 4 मौतें और 12 नए केस से हड़कंप

नई दिल्ली । देश में कोविड-19 के कुछ नए मामलों और मौतों ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है, जिससे बीमारी की वापसी का खतरा मंडराने लगा है। आंध्र प्रदेश में 26 जून से 16 जुलाई के बीच 12 लोग कोविड-19 से संक्रमित पाए गए, जिनमें से चार मरीजों की पहले से मौजूद गंभीर बीमारियों और कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के कारण मौत हो गई। इन मौतों का अनुपात लगभग 30 प्रतिशत रहा, जिसने लोगों को विशेष रूप से भयभीत कर दिया है। मरने वाले मरीजों को हाइपरटेंशन, डायबिटीज और किडनी संबंधी गंभीर समस्याएं थीं। शेष संक्रमितों में से तीन होम आइसोलेशन में हैं, दो अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं, जबकि तीन ठीक होकर घर जा चुके हैं। जुलाई के पहले पखवाड़े में देशभर में कुल 339 नए कोविड मामले दर्ज किए गए हैं, जो सतर्कता की आवश्यकता को दर्शाते हैं।
हालांकि, संक्रामक रोग विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल देश में कोरोना की कोई नई लहर नहीं है और न ही कोई खतरनाक वेरिएंट सामने आया है। आंध्र प्रदेश के मामले स्थानीय क्लस्टर प्रतीत होते हैं, न कि देशव्यापी फैलाव। जानकार बताते हैं कि एक बड़ी आबादी में अब हाइब्रिड इम्यूनिटी मौजूद है, जो गंभीर बीमारी से बचाती है। इन्फ्लूएंजा और कोविड के लक्षण मिलते-जुलते हैं, इसलिए जांच महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पुरानी बीमारियों से ग्रसित लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। यदि बुखार 3-5 दिन से अधिक रहे, सांस लेने में तकलीफ हो, सीने में दर्द हो या भ्रम बढ़े, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। मास्क के उपयोग पर विशेषज्ञों का कहना है कि हर किसी को मास्क लगाने की जरूरत नहीं है, लेकिन यदि किसी को बुखार, खांसी, गले में खराश या नाक बह रही है, तो दूसरों में संक्रमण फैलने से रोकने के लिए मास्क जरूर पहनें। अस्पताल जाते समय या भीड़भाड़ वाली बसों, ट्रेनों और फ्लाइट्स में भी मास्क का उपयोग करना उचित है। बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पुरानी बीमारियों वाले लोगों को भीड़ वाली बंद जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। कुछ जरूरी सावधानियों में भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना, बाहर से आने के बाद हाथों को साबुन और पानी से धोना, खांसी या जुकाम होने पर मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग करना शामिल है। यदि बच्चे बीमार हों, तो उन्हें स्कूल या खेलने न भेजें और घर पर उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था बनाए रखें। घबराने के बजाय सतर्कता और सावधानी ही इस स्थिति से निपटने का सर्वोत्तम उपाय है।
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