ईरान पर अमेरिकी हमले: भारत के चाबहार पोर्ट पर निशाना
ईरान पर अमेरिकी हमले: भारत के चाबहार पोर्ट पर निशाना
तेहरान । अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव चरम पर है। अमेरिकी सेना ने गुरुवार को लगातार छठी रात ईरान पर नए हवाई हमले किए, जिसमें भारत के निवेश से बने चाबहार बंदरगाह के मैरिटाइम कंट्रोल टावर को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सैटकॉम) ने बताया कि लड़ाकू विमानों, ड्रोन और युद्धपोतों से ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया। ईरानी मीडिया के अनुसार, चाबहार पोर्ट पर यह टावर पिछले एक हफ्ते में तीसरी बार निशाना बना है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस टावर की क्षतिग्रस्त तस्वीर भी साझा की।
इन हमलों के दौरान दक्षिणी ईरानी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास को भी निशाना बनाया गया, जिससे शहर के कई हिस्सों में बिजली गुल हुई और एक संचार टावर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ। अमेरिकी हमलों की चपेट में बंदर अब्बास का आवासीय इलाका भी आया, जिसमें करीब सात लोग घायल हुए हैं। स्थानीय अस्पतालों में घायल नागरिकों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। सैटकॉम के अनुसार, इस सैन्य अभियान का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना था। हमलों में तटीय निगरानी केंद्र, एयर डिफेंस सिस्टम, सैन्य लॉजिस्टिक्स और समुद्री सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
हालाँकि, इस भीषण सैन्य टकराव के बीच व्हाइट हाउस ने एक बड़ा दावा कर कहा है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत के रास्ते खुले हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि ईरान लगातार अमेरिका से बातचीत कर रहा है और भारी सैन्य नुकसान झेलने के कारण समझौता करने को इच्छुक है। सैन्य टकराव के इस दौर में भी कूटनीतिक बातचीत जारी रहने के इस दावे ने वैश्विक विशेषज्ञों को चौंका दिया है।
दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। ईरानी सांसद बेहनाम सईदी ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर जमीनी हमला किया, तब अमेरिकी सैनिकों का कत्लेआम किया जाएगा। ईरान ने यमन के हूती विद्रोहियों से भी बाब अल-मंदेब स्ट्रेट को बंद करने के लिए तैयार रहने को कहा है, यदि अमेरिका उसके बिजली ढाँचे पर हमला करता है।
