बंगाल में बाढ़ की स्थिति बिगड़ी, PM मोदी ने की ममता से बात
कोलकाता । पश्चिम बंगाल के कम से कम सात जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर होने के बीच बुधवार को हावड़ा जिले में स्थिति का प्रारंभिक सर्वेक्षण करने पहुंची मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिकायत की कि दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) द्वारा अत्यधिक पानी छोड़े जाने से राज्य में बाढ़ की स्थिति विकराल हो गई है। प्रधानमंत्री से फोन पर बातचीत के दौरान ये आरोप लगाए गए। जमीनी स्थिति का जायजा लेने के अलावा, मोदी ने राज्य में बाढ़ से हुए नुकसान का भी जायजा लिया और बनर्जी से वादा किया कि केंद्र बाढ़ की स्थिति को कम करने में राज्य की सहायता करेगा।
सीएमओ के सूत्रों ने कहा कि बनर्जी ने राज्य से परामर्श किए बिना डीवीसी बांधों से अत्यधिक मात्रा में पानी छोड़ने की आलोचना भी की, जिससे कई क्षेत्रों में बाढ़ आ गई। दोनों नेताओं के बीच करीब सात मिनट तक बातचीत चली।
पश्चिम बंगाल के सिंचाई मंत्री सौमेन महापात्रा ने भी मंगलवार को डीवीसी पर निशाना साधते हुए कहा था, डीवीसी ने जानबूझकर इतना पानी छोड़ा कि इससे बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। केंद्र सरकार ने जानबूझकर बंगाल में मानव निर्मित बाढ़ की स्थिति पैदा की। हम ऐसी राजनीति की निंदा करते हैं। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने वादा किया था कि वह बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण करेंगी, विशेष रूप से हुगली के खानकुल और हावड़ा जिले के उदयनारायणपुर में, लेकिन खराब मौसम के कारण उन्हें खानकुल की अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी और सड़क मार्ग से केवल उदयनारायणपुर का दौरा किया।
मीडिया से बात करते हुए, मुख्यमंत्री ने बाढ़ को मानव निर्मित करार दिया और आरोप लगाते हुए कहा, नहरों में कोई ड्रेजिंग नहीं हुई है और स्वाभाविक रूप से इन नहरों में बाढ़ आ रही है, जिससे पश्चिम बंगाल में बार-बार बाढ़ आ रही है। इसके लिए डीवीसी भी जिम्मेदार है, क्योंकि यह अपने वादे से ज्यादा पानी छोड़ रही है। बनर्जी ने जिला प्रशासन से पहले से ही लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में ले जाने को कहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से हर संभव व्यवस्था करने को कहा, ताकि लोगों को परेशानी न हो। मौसम विभाग के अनुसार, समस्या और भी बढ़ सकती है। क्योंकि अगले दो दिनों में भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई है, जिससे राज्य में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो जाएगी।