ICICI Lombard GIC 30 September

आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जीआईसी का 30 सितंबर, 2022 को समाप्त तिमाही और छमाही में प्रदर्शन

 

आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जीआईसी का 30 सितंबर, 2022 को समाप्त तिमाही और छमाही में प्रदर्शन

• कंपनी की सकल प्रत्यक्ष प्रीमियम आय (जीडीपीआई) वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही में 22.6% की वृद्धि के साथ ₹ 105.55 बिलियन रही, जबकि वित्त वर्ष 2022 की पहली छमाही में ₹ 86.13 बिलियन थी। यह वृद्धि उद्योग की 15.3% की वृद्धि से अधिक रही।
कंपनी का जीडीपीआई वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में 17.2% की वृद्धि के साथ ₹ 51.85 बिलियन रहा, जबकि वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही में यह ₹ 44.24 बिलियन थी। जीडीपीआई में वृद्धि 10.0% की उद्योग वृद्धि से अधिक रही।
• वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही में संयुक्त अनुपात 104.6% रहा, जबकि वित्त वर्ष 2022 की पहली छमाही में यह 114.3% था। चक्रवात के प्रभाव और ₹ 0.28 बिलियन के बाढ़ के नुकसान को छोड़कर, वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही में संयुक्त अनुपात 104.2% रहा, जबकि वित्त वर्ष 2022 की पहली छमाही में चक्रवात के प्रभाव और ₹ 0.82 बिलियन के बाढ़ के नुकसान को छोड़कर यह 113.0% था।
o वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में संयुक्त अनुपात 105.1% रहा, जबकि वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही में यह 105.3% था। वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में संयुक्त अनुपात ₹ 0.28 बिलियन के बाढ़ और चक्रवात के नुकसान के प्रभाव को छोड़कर 104.3% रहा, जबकि वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही
में चक्रवात के प्रभाव और ₹ 0.50 बिलियन के बाढ़ के नुकसान को छोड़कर 103.7% था ।
• कर पूर्व लाभ (पीबीटी) वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही में 26.1% बढ़कर ₹ 10.75 बिलियन हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2022 की पहली छमाही में ₹8.52 बिलियन था। वहीं पीबीटी वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में 2.7% बढ़कर ₹ 6.10 बिलियन हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही में ₹ 5.94 बिलियन था।
o हमारा पूंजीगत लाभ (इक्विटी निवेश परिसंपत्तियों पर हानि का शुद्ध) वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही में ₹1.43 बिलियन रहा। जबकि वित्त वर्ष 2022 की पहली छमाही में ₹ 4.71 बिलियन रहा था। वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में पूंजीगत लाभ (इक्विटी निवेश परिसंपत्तियों पर हानि का शुद्ध) ₹1.11 बिलियन रहा जो वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही में ₹ 1.44 बिलियन रहा था ।
• परिणामस्वरूप, कर पश्चात लाभ ( पीएटी) वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही में 46.6% बढ़कर ₹9.40 बिलियन हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2022 की पहली छमाही में ₹6.41 बिलियन था। वहीं पीएटी वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही के ₹ 4.47 बिलियन के मुकाबले 2023 की दूसरी तिमाही में 32.2% बढ़कर ₹ 5.91 बिलियन हो गया।
o पीएटी में ₹ 1.28 बिलियन के कर प्रावधान का प्रत्यावर्तन शामिल है। इसे छोड़कर, वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही और दूसरी तिमाही में पीएटी में वृद्धि क्रमशः 26.5% और 3.4% रही।
• वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही में औसत इक्विटी पर रिटर्न (आरओएई) 19.9% रहा, जबकि वित्त वर्ष 2022 की पहली छमाही में यह 15.2% था। वहीं वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में आरओएई 24.5% रहा, जबकि वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही में यह 21.0% था।
o कर प्रावधान को उलटने को छोड़कर, वित्त वर्ष 2023 की पहली और दूसरी तिमाही के लिए आरओएई क्रमशः 17.3% और 19.3% रहा।
• 30 सितंबर, 2022 को सॉल्वेंसी अनुपात 2.47x (2.47 गुना) था, जबकि 30 जून, 2022 में 2.61x था और न्यूनतम नियामक आवश्यकता 1.50x से अधिक था। सॉल्वेंसी अनुपात 31 मार्च 2022 को 2.46x था।
• कंपनी के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही के लिए ₹ 4.50 प्रति शेयर के अंतरिम लाभांश की घोषणा की है।

परिचालन प्रदर्शन की समीक्षा

(₹ billion)

Financial Indicators Q2 FY2023 Q2 FY2022 Growth

%

H1 FY2023 H1 FY2022 Growth

%

 

FY2022

GDPI 51.85 44.24 17.2% 105.55 86.13 22.6% 179.77
PBT 6.10 5.94 2.7% 10.75 8.52 26.1% 16.84
PAT 5.91 4.47 32.2% 9.40 6.41 46.6% 12.71

Ratios

 

Financial Indicators Q2 FY2023 Q2 FY2022 H1 FY2023 H1 FY2022 FY2022
ROAE (%) – Annualised 24.5% 21.0% 19.9% 15.2% 14.7%
Combined Ratio 105.1% 105.3% 104.6% 114.3% 108.8%
×
Date : 20 October 2022 Posted By : EDITOR
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जीआईसी का 30 सितंबर, 2022 को समाप्त तिमाही और छमाही में प्रदर्शन
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आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जीआईसी का 30 सितंबर, 2022 को समाप्त तिमाही और छमाही में प्रदर्शन

• कंपनी की सकल प्रत्यक्ष प्रीमियम आय (जीडीपीआई) वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही में 22.6% की वृद्धि के साथ ₹ 105.55 बिलियन रही, जबकि वित्त वर्ष 2022 की पहली छमाही में ₹ 86.13 बिलियन थी। यह वृद्धि उद्योग की 15.3% की वृद्धि से अधिक रही।
कंपनी का जीडीपीआई वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में 17.2% की वृद्धि के साथ ₹ 51.85 बिलियन रहा, जबकि वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही में यह ₹ 44.24 बिलियन थी। जीडीपीआई में वृद्धि 10.0% की उद्योग वृद्धि से अधिक रही।
• वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही में संयुक्त अनुपात 104.6% रहा, जबकि वित्त वर्ष 2022 की पहली छमाही में यह 114.3% था। चक्रवात के प्रभाव और ₹ 0.28 बिलियन के बाढ़ के नुकसान को छोड़कर, वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही में संयुक्त अनुपात 104.2% रहा, जबकि वित्त वर्ष 2022 की पहली छमाही में चक्रवात के प्रभाव और ₹ 0.82 बिलियन के बाढ़ के नुकसान को छोड़कर यह 113.0% था।
o वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में संयुक्त अनुपात 105.1% रहा, जबकि वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही में यह 105.3% था। वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में संयुक्त अनुपात ₹ 0.28 बिलियन के बाढ़ और चक्रवात के नुकसान के प्रभाव को छोड़कर 104.3% रहा, जबकि वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही
में चक्रवात के प्रभाव और ₹ 0.50 बिलियन के बाढ़ के नुकसान को छोड़कर 103.7% था ।
• कर पूर्व लाभ (पीबीटी) वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही में 26.1% बढ़कर ₹ 10.75 बिलियन हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2022 की पहली छमाही में ₹8.52 बिलियन था। वहीं पीबीटी वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में 2.7% बढ़कर ₹ 6.10 बिलियन हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही में ₹ 5.94 बिलियन था।
o हमारा पूंजीगत लाभ (इक्विटी निवेश परिसंपत्तियों पर हानि का शुद्ध) वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही में ₹1.43 बिलियन रहा। जबकि वित्त वर्ष 2022 की पहली छमाही में ₹ 4.71 बिलियन रहा था। वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में पूंजीगत लाभ (इक्विटी निवेश परिसंपत्तियों पर हानि का शुद्ध) ₹1.11 बिलियन रहा जो वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही में ₹ 1.44 बिलियन रहा था ।
• परिणामस्वरूप, कर पश्चात लाभ ( पीएटी) वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही में 46.6% बढ़कर ₹9.40 बिलियन हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2022 की पहली छमाही में ₹6.41 बिलियन था। वहीं पीएटी वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही के ₹ 4.47 बिलियन के मुकाबले 2023 की दूसरी तिमाही में 32.2% बढ़कर ₹ 5.91 बिलियन हो गया।
o पीएटी में ₹ 1.28 बिलियन के कर प्रावधान का प्रत्यावर्तन शामिल है। इसे छोड़कर, वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही और दूसरी तिमाही में पीएटी में वृद्धि क्रमशः 26.5% और 3.4% रही।
• वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही में औसत इक्विटी पर रिटर्न (आरओएई) 19.9% रहा, जबकि वित्त वर्ष 2022 की पहली छमाही में यह 15.2% था। वहीं वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में आरओएई 24.5% रहा, जबकि वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही में यह 21.0% था।
o कर प्रावधान को उलटने को छोड़कर, वित्त वर्ष 2023 की पहली और दूसरी तिमाही के लिए आरओएई क्रमशः 17.3% और 19.3% रहा।
• 30 सितंबर, 2022 को सॉल्वेंसी अनुपात 2.47x (2.47 गुना) था, जबकि 30 जून, 2022 में 2.61x था और न्यूनतम नियामक आवश्यकता 1.50x से अधिक था। सॉल्वेंसी अनुपात 31 मार्च 2022 को 2.46x था।
• कंपनी के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही के लिए ₹ 4.50 प्रति शेयर के अंतरिम लाभांश की घोषणा की है।

परिचालन प्रदर्शन की समीक्षा

(₹ billion)

Financial Indicators Q2 FY2023 Q2 FY2022 Growth

%

H1 FY2023 H1 FY2022 Growth

%

 

FY2022

GDPI 51.85 44.24 17.2% 105.55 86.13 22.6% 179.77
PBT 6.10 5.94 2.7% 10.75 8.52 26.1% 16.84
PAT 5.91 4.47 32.2% 9.40 6.41 46.6% 12.71

Ratios

 

Financial Indicators Q2 FY2023 Q2 FY2022 H1 FY2023 H1 FY2022 FY2022
ROAE (%) – Annualised 24.5% 21.0% 19.9% 15.2% 14.7%
Combined Ratio 105.1% 105.3% 104.6% 114.3% 108.8%

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