In the final leg of his visit, PM Modi will strengthen ties with Italy

PM मोदी यात्रा के अंतिम चरण में इटली के संबंधों को देंगे मजबूती

पीएम मोदी यात्रा के अंतिम चरण में इटली के संबंधों को देंगे मजबूती

मेलोनी से मुलाकात में इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर पर खास ध्यान

रोम। पीएम नरेंद्र मोदी 19-20 मई को यात्रा के अंतिम चरण में इटली के दौरे पर हैं। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के बाद पीएम मोदी की पहली अहम यूरोपीय यात्रा है। इस समय वैश्विक चुनौतियों, जैसे पश्चिम एशिया संकट और सप्लाई चेन में पैदा हुए दिक्कतों के बीच इस दौरे को रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। यह दौरा दोनों देशों के बीच ‘संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029’ को लागू करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। यह पंचवर्षीय कार्य योजना द्विपक्षीय व्यापार, निवेश, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का एक व्यापक रोडमैप है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत और इटली के संबंध हमेशा इतने मजबूत नहीं रहे। साल 2010 के दशक में अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले ने दोनों देशों के संबंधों को गंभीर नुकसान पहुंचाया था। इटली की कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड पर भारत में वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। इसके बाद भारत ने कंपनी पर बैनन लगा दिया था और रक्षा सहयोग ठप पड़ गया था।
इसी दौरान इतालवी मरीन विवाद ने भी संबंधों में तनाव पैदा कर दिया था। कई सालों तक दोनों देशों के बीच रक्षा तकनीक और नई सैन्य डील्स को लेकर समझौतों की कमी बनी रही। हालांकि बाद में कानूनी और कूटनीतिक स्तर पर हालात सुधरने लगे। साल 2021-22 के बाद संबंधों में तेजी से सुधार आया है। आर्थिक मोर्चे पर दोनों देशों के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। यहां साल 2025 में द्विपक्षीय व्यापार 16.77 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है। 2000 से 2025 के बीच भारत को इटली से 3.66 बिलियन डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त हुआ है।
अपनी यात्रा में पीएम मोदी इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मट्टारेला और पीएम जॉर्जिया मेलोनी के साथ उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इन मुलाकातों में रक्षा और सुरक्षा सहयोग, संयुक्त रक्षा उत्पादन, एयरोस्पेस, सेमीकंडक्टर, एआई और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अत्याधुनिक तकनीकी क्षेत्रों पर मुख्य रूप से चर्चा होगी।
इस रणनीतिक वार्ता में इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर पर खास ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही इटली भारत की तरफ प्रस्तावित इंटरनेशनल सोलर एलायंस और डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर में भी सहयोग कर रहा है। इससे दोनों देशों की प्राथमिकताएं आपस में जुड़ती हैं। हालांकि साल 2023 में पीएम मेलोनी की भारत यात्रा के दौरान इन संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिया गया था। इससे पुरानी चुनौतियां पीछे छूट गईं। यह वर्तमान दौरा भारत की मल्टी-अलाइन्मेंट नीति के तहत यूरोप के साथ संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Releated

अमेरिकी में सुंदर पिचाई के खिलाफ लगे नारे, भाषण के बीच छात्रों ने किया वॉकआउट

Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱अमेरिकी में सुंदर पिचाई के खिलाफ लगे नारे, भाषण के बीच छात्रों ने किया वॉकआउट छात्र इजराइली सरकार के साथ गूगल के कॉन्ट्रेक्ट का कर रहे थे विरोध वाशिंगटन । अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन कार्यक्रम में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई अपना भाषण शुरू करने वाले थे कि […]

राजधानी ब्रातिस्लावा में रोटी और नमक से हुआ पीएम मोदी का स्वागत

Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱राजधानी ब्रातिस्लावा में रोटी और नमक से हुआ पीएम मोदी का स्वागत फ्रांस के बाद स्लोवाकिया पहुंचे प्रधानमंत्री ब्रातिस्लावा । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस का अपना सफल दौरा पूरा करने के बाद अब स्लोवाकिया पहुंच गए हैं। स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में भारतीय प्रधानमंत्री का बेहद भव्य और शानदार स्वागत […]