Madhya Pradesh is advancing at the fastest pace in the country

MP: देश में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

MP: देश में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश 11.6 प्रतिशत विकास दर से कर रहा प्रगति

जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए हमारे पास पर्याप्त धनराशि

प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व पर भरोसा, जनता पसंद कर रही है सरकार के काम

अब तक का सबसे सुव्यस्थित और भव्य होगा उज्जैन सिंहस्थ

सिंहस्थ में आने वाले अनुमानित 40 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए की जा रही हैं तैयारियां

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय संसाधनों के समुचित प्रबंधन से अच्छे परिणाम देने का मॉडल तैयार किया है। हम कम संसाधनों में भी बेहतर से बेहतर रिजल्ट दे रहे हैं। आज हमारा मध्यप्रदेश देश में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले प्रदेश के रूप में पहचाना जा रहा है। मध्यप्रदेश 11.60 प्रतिशत की विकास दर से तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार के पास 106 प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए समानुपातिक आवंटन के लिए पर्याप्त धनराशि है। जनकल्याण के साथ हम प्रदेश के औद्योगिक और अधोसंरचनात्मक विकास के लिए भी सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय मीडिया समूह की एनुअल समिट को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने विकास के लिए हर क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया है। हमारी कृषि विकास दर भी पहले से बेहतर हुई है। हमने बीते दो साल में औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान देकर जीआईएस और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव कर मध्यप्रदेश में निवेश के लिए एक नया माहौल तैयार किया है। उन्होंने कहा कि बीते दो साल में प्रदेश में करीब 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर आया है। यह हमारे अपने राज्य की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। लाड़ली बहना योजना में हमारी 1 करोड़ 25 लाख 27 हजार बहने हैं। इनके हित में हम हर महीने 1500-1500 रुपये खाते में डाल रहे हैं। किसानों को किसान सम्मान निधि भी दे रहे हैं। भारत सरकार के वित्तीय व्यवस्था के जो उच्चतम मापदंड है उसके दायरे में रहकर हम अपनी आय-व्यय को विनियमित कर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष अपने पद के अनुरूप आचरण नहीं कर रहे हैं। उन्हें कितना बड़ा मौका मिला है, लेकिन उन्होंने इस पद की गरिमा का पतन कर दिया है। भारत-पाकिस्तान में स्ट्राइक हो रही है और अपोजिशन लीडर सेना का मनोबल गिरा रहे हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। वर्ष 1971 में बांग्लादेश के समय स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेई पूरी दृढ़ता से सरकार के साथ खड़े रहे। उन्होंने कहा था हम सेना के साथ हैं। जब राष्ट्रीय संकट हो तो देश के साथ रहना चाहिए, यह विपक्ष को सीखना चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल और वायु हमेशा सीमाओं से परे होती है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को दो राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजनाओं की सौगात दी है। यह परियोजना राज्यों के हित में है। इस राष्ट्रीय परियोजना की 90 प्रतिशत लागत राशि भारत सरकार दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश तो नदियों का मायका है। यहां 250 से ज्यादा नदियां हैं। हमारे पड़ोसी राज्य राजस्थान के 15 जिले सालों से पीने के पानी, उद्योग और सिंचाई के लिए भारी कष्ट में थे। माननीय अटल जी की सरकार के वक्त नदी जोड़ो योजना बनी थी लेकिन राजस्थान और मध्यप्रदेश की सरकार के साथ तालमेल न होने से इस विषय को लटकाए रखा। प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रयासों से मध्यप्रदेश और राजस्थान ने साथ आने का प्रयास किया और दोनों राज्यों की पश्चिमी भारत को सिंचाई की सुविधा से संपन्न करने के लिए पार्वती-कालीसिंध-चंबल योजना पर सहमति बनी। इस पर लगभग 70 हजार करोड़ रुपये की धनराशि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मंजूर की। प्रधानमंत्री जी की मौजूदगी में ही इस परियोजना का शुभारंभ हुआ। इस गठबंधन का परिणाम यह हुआ कि दोनों राज्यों के लोगों का एक तरह से अब जीवन बदलने वाला है। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच सौहार्द्रपूर्ण संबंध होने चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूरे देश में प्रधानमंत्री श्री मोदी की कार्यशैली और हमारी सरकार पसंद बनी हुई है। इसलिए तो हमारी सरकार विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 21 से अधिक प्रदेशों में हमारी सरकार है। जहाँ आज भी जनता काम पसंद करती है। प्रधानमंत्री की कार्यनीति को भी जनता पसंद करती है। जनता जान रही है कि दुनिया के सामने भारत का मान बढ़ रहा है, सम्मान बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय अवधारणा पर काम कर रही है। आखिरी पंक्ति में खड़े हुए गरीब आदमी की जिंदगी में मदद हो जाए, उसके जीवन से कष्ट मिट जाए, हम इस आधार पर काम कर रहे हैं। हमारे राज्य की प्रोग्रेस भी पर्याप्त हो रही है और हम सभी योजनाओं के लिए धनराशि लेकर चल रहे हैं। लाड़ली बहना योजना से बेहतर नारी सशक्तिकरण की कौन सी योजना हो सकती है, जबकि विपक्ष के लोग कहते हैं कि महिलाओं को पैसे मत दीजिए, वे शराब पी जाती हैं। क्या उन्हें ऐसी भाषा बोलनी चाहिए। अपनी भाषा के कारण ही वे सरकार से बाहर हैं। हम पूरी श्रद्धा के साथ समाज के सभी वर्गों के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं चला रहे हैं। गरीब आदमी की जिंदगी बेहतर करने के लिए भी पर्याप्त धनराशि दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बारे में कहा कि उज्जैन में होने वाला सिंहस्थ विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। यह केवल उज्जैन और मध्यप्रदेश का ही नहीं देश का भी सबसे गरिमापूर्ण आयोजन है। उज्जैन की आबादी 8 लाख है, पर सिंहस्थ के दौरान यहां दो महीनों के भीतर 40 करोड़ लोग आएंगे। इसके लिए हमें उज्जैन को तैयार करना है, जिससे किसी भी श्रद्धालु को बाल बराबर भी कष्ट न होने पाए, हमारी सरकार इसके लिए सारे प्रबंधन करके चल रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार बनारस जैसी पुण्य नगरी में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन कराने जा रही हैं। हमारे लिए सौभाग्य की बात है सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के सभी पक्षों को लेकर हम दुनिया के सामने जा रहे हैं। इसलिए हम विक्रमादित्य रिसर्च सेंटर भी खोल रहे हैं, विक्रमादित्य के काल के अलग-अलग प्रकार के शोध को बढ़ावा भी दे रहा है। लोक रंजन के दृष्टि से विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन कर हम भावी पीढ़ी को गणतंत्र के जनक की शौर्यगाथा दिखाना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य-जीव संरक्षण पर कहा कि मध्यप्रदेश में पूरे देश में सबसे ज्यादा बाघ हैं। सबसे अधिक टाइगर रिजर्व भी मध्यप्रदेश में हैं। हमारे यहां चीतों का परिवार भी फल-फूल रहा है। हम अफ्रीका से 20 चीते लाए थे। अब 53 से ज्यादा चीते हमारे राज्य में हो गए हैं। घड़ियाल, भेड़िए मगरमच्छ, कछुए, गिद्ध सब प्रकार की प्रजातियों के संरंक्षण के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। असम से अगले महीने ही मध्यप्रदेश में हम जंगली भैंसे लाकर उन्हें बसाना चाहते हैं। घड़ियालों की सैंक्चुरी फिलहाल राजस्थान में है। लेकिन इसी साल हमने 53 घड़ियालों को चंबल नदी में स्वच्छंद वातावरण में छोड़कर उनकी संख्या बढ़ाने के लिए समर्पित किया है। हाल ही में नौरादेही टाइगर रिजर्व में भी कछुए छोड़े गये हैं। मध्यप्रदेश के नौरादेही में चीतों का तीसरा बसेरा तैयार हो रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन्दौर में हुई जल संबंधी दुर्घटना के लिए हमने कड़े कदम उठाए हैं। ऐसी घटनाए दोबारा न हों, इसके लिए हमने तुरंत सभी जरूरी प्रबंधन और व्यवस्थाएं की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में उपजे हालातों के संबंध में भारत के ईंधन लाने वाले जहाज बड़ी बुलंदी से तिरंगे के साथ होर्मुज स्ट्रेट से निकलकर आ रहे हैं। अमेरिका हो या ईरान दोनों ने ही भारत के लिए रास्ता आसान कर दिया है। यह है भारत की सरकार का काम करने का तरीका और यह प्रधानमंत्री श्री मोदी की बेहतरीन कार्यशैली।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमें अपने राज्य की भौगोलिक स्थिति और जरूरतों का भरपूर ज्ञान है। इसलिए मध्यप्रदेश सभी क्षेत्रों में समान रूप से काम कर रहा है। राज्य की हेल्थ सुविधाओं को बेहतर करने के लिए हम बहुत तेज गति से प्रदेश में मेडिकल कॉलेज खोल रहे हैं। हमारी पार्टी की सरकार आने से पहले मध्यप्रदेश में करीब 55 साल में सिर्फ 5 मेडिकल कॉलेज थे। आज की स्थिति में मध्यप्रदेश में 40 मेडिकल कॉलेज हैं। इनमें से 10 मेडिकल कॉलेज तो हमने अपने बीते 2 साल के कार्यकाल में ही खोल दिए हैं। प्रदेश की बेहतरी के लिए यही हमारे काम करने का तरीका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को हर क्षेत्र में बेहतर बनाने के लिए तेजी से मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Releated

LataAsha Mangeshkar Institute of Medical Sciences Foundation Stone Ceremony & Condolence Meet Held in Pune Today

Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱LataAsha Mangeshkar Institute of Medical Sciences Foundation Stone Ceremony & Condolence Meet Held in Pune Today Pune: Pune witnessed a deeply emotional and significant milestone as the Foundation Stone Ceremony of the LataAsha Mangeshkar Institute of Medical Sciences took place at Nandoshi, Sinhagad Road. The occasion was marked by a […]

MP: नर्मदापुरम-टिमरनी स्टेट हाईवे तरक्की का खोलेगा नया मार्ग : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱MP: नर्मदापुरम-टिमरनी स्टेट हाईवे तरक्की का खोलेगा नया मार्ग : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सिवनी मालवा को मिली 1000 करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों की सौगात 972 करोड़ रूपए से अधिक की लागत से होगा 72 कि.मी. लंबे नर्मदापुरम-टिमरनी स्टेट हाईवे का उन्नयन और पुनर्निर्माण मुख्यमंत्री डॉ. यादव […]