मनन भारद्वाज ने ‘आर्यभट्ट का ज़ीरो’ के गीत ‘हमेशा’ में उकेरे टूटे दिल, पछतावे और अपराधबोध के जज़्बात
मनन भारद्वाज ने ‘आर्यभट्ट का ज़ीरो’ के गीत ‘हमेशा’ में उकेरे टूटे दिल, पछतावे और अपराधबोध के जज़्बात
Mumbai: सिनेमाघरों में रिलीज़ से पहले, आर्यभट्ट का ज़ीरो अपनी एक और बेहद भावुक संगीतमय पेशकश हमेशा लेकर आया है। यह एक मार्मिक बैलेड है, जो हर बार बहुत देर से पहुँचने के दर्द को बयां करती है। टी-सीरीज़ द्वारा प्रस्तुत यह गीत अपराधबोध, पछतावे और उस दिल तोड़ देने वाले एहसास को सामने लाता है कि ज़िंदगी अक्सर हमें उन बातों का अफसोस देकर चली जाती है जिन्हें हम कह नहीं पाए, उन लम्हों की कमी छोड़ जाती है जिन्हें हम जी नहीं पाए, और उन लोगों की याद दे जाती है जिन्हें हम थामे नहीं रख सके। सच्चे जज़्बातों, आत्ममंथन और गहरी संवेदनाओं से भरा हमेशा छूटे हुए मौकों के भावनात्मक बोझ को बेहद खूबसूरती से पेश करता है और अपने आखिरी सुर के बाद भी दिल में लंबे समय तक गूंजता रहता है।
इस गीत को पूरी तरह अपनी रचनात्मकता से संवारने का काम मनन भारद्वाज ने किया है। उन्होंने इसके संगीतकार, गीतकार और गायक – तीनों भूमिकाएँ निभाई हैं। उनके भावपूर्ण बोल निजी एहसासों को ऐसी शायरी में बदल देते हैं, जिससे हर शख्स खुद को जोड़ सके। वहीं उनका संगीत पछतावे के दर्द को बेहद सादगी और खूबसूरती से उभारता है। उनकी दिल को छू लेने वाली आवाज़ गीत की हर पंक्ति में उस इंसान की बेबसी महसूस कराती है, जो ज़िंदगी के सबसे अहम पलों को पीछे मुड़कर देखता है और समझता है कि वह बस थोड़ी-सी देर कर गया। उनके शब्द, संगीत और आवाज़ मिलकर एक ऐसा आत्मीय संगीत अनुभव रचते हैं, जो हर उस इंसान के दिल तक पहुँचता है जिसने कभी वक्त को पीछे मोड़ देने की ख्वाहिश की हो। गीत के दृश्य भी इसकी भावनात्मक गहराई को खूबसूरती से उभारते हैं। खोए हुए मौकों के बाद छा जाने वाली खामोशी और उन यादों की टीस, जिन्हें दोबारा नहीं लिखा जा सकता, हर फ्रेम में महसूस होती है। हर दृश्य पछतावे और तड़प की भावना को जीवंत करता है और दर्शकों के लिए एक ऐसा सिनेमाई अनुभव रचता है, जो खत्म होने के बाद भी लंबे समय तक साथ रहता है।
आर्यभट्ट का ज़ीरो एक आगामी फिल्म है, जिसमें हिमांश कोहली, सोनाली सहगल और रवि किशन मुख्य भूमिकाओं में नज़र आएंगे। फिल्म का निर्देशन कमल चंद्र ने किया है, जबकि इसका संगीत मनन भारद्वाज ने दिया है। फिल्म का निर्माण बिरेंदर भगत, रवि एस. गुप्ता, संजय नागपाल और शेओ बालक सिंह ने किया है। इसके सह-निर्माता सुनील सिहाग, त्रिलोकी नाथ प्रसाद, स्वर्गीय कुलदीप भंडारी, आकांक्षा राहुल शर्मा और रीटा गाडगे हैं। फिल्म को न्यूटेक मीडिया एंटरटेनमेंट, राधिका जी फिल्म्स, सुनील सिहाग गोरा फिल्म्स और ए2आर फिल्म्स प्रस्तुत कर रहे हैं।
हमेशा अब सभी प्रमुख म्यूज़िक स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म्स पर उपलब्ध है, जबकि इसका म्यूज़िक वीडियो विशेष रूप से टी-सीरीज़ के यूट्यूब चैनल पर देखा जा सकता है।
