Mother's Day 2021 प्यार और ममता का प्रतीक मदर्स डे - Update Now News

Mother’s Day 2021 प्यार और ममता का प्रतीक मदर्स डे

 

प्यार और ममता का प्रतीक मदर्स डे हर साल मई माह के दूसरे हफ्ते के संडे को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने के पीछे मां की निःस्वार्थ सेवा और प्यार के बदले उन्हें सम्मान और धन्यवाद देना है

मदर्स डे का इतिहास और महत्व-
9 मई 1914 को अमेरिकी प्रेसिडेंट वुड्रो विल्सन ने एक लॉ पास किया था जिसमें लिखा था कि मई महीने के हर दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाएगा। इसके बाद हर साल अमेरिका, भारत और कई देशों में मई महीने के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाने लगा। मदर्स डे मनाने की शुरुआत सबसे पहले अमेरिका से हुई थी। अमेरिकन एक्टिविस्ट एना जार्विस अपनी मां से बहुत प्यार करती थीं। मां की मौत होने के बाद प्यार जताने के लिए उन्होंने इस दिन को मनाने की शुरुआत की। इसके बाद धीरे-धीरे कई देशों में मदर्स डे मनाया जाने लगा।
मदर्स डे की शुरुआत 1908 में अमेरिका से हुई थी। अमेरिका के वर्जीनिया में रहने वाली एना ने अपनी मां के प्रेम और समर्पण को देखते हुए इस दिन की शुरुआत की थी। ऐसा कहा जाता है कि एना की मां ने उसे बड़े जतन से पाला पोसा था। अपनी मां के समर्पण से वह बहुत प्रभावित हुईं और मां से बेहद प्यार करने लगीं। उस दौरान एना ने प्रतिज्ञा की थी कि वह कभी शादी नहीं करेंगी और मां की सेवा उसी भाव से करेंगी, जैसा उसकी मां करती हैं। काफी समय के बाद एना की मां का निधन हो गया। इसके बाद अमेरिका में गृहयुद्ध के दौरान एना ने घायल हुए सैनिकों की देखभाल मां के रूप में की। एना अपनी मां को सम्मान देना चाहती थीं, इसलिए वो एक ऐसे दिन की तलाश कर रहीं थीं, जिस दिन दुनिया की सभी माओं को सम्मान मिल सके। इसके बाद एना ने मां के प्रति सम्मान के लिए ‘मदर्स डे’ की शुरुआत की। इसे लेकर उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस को प्रस्ताव दिया, जो खारिज कर दिया गया। इसके बाद 1911 में प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया, जिसके फलस्वरूप अमेरिका के राष्ट्रपति ने ‘मदर्स डे’ मनाने की घोषणा

मदर्स डे का महत्व

मां के बलिदान और निस्वार्थ प्रेम के प्रति आभार प्रकट करने के लिए ‘मदर्स डे’ मनाया जाता है। बच्चे इस खास दिन अपनी मां को स्पेशल महसूस कराने के लिए तमाम करह की तैयारियां करते हैं। अपनी मां को प्यार जताने के लिए बच्चे गिफ्ट्स, कार्ड्स देते हैं और लंच व डिनर के लिए बाहर ले जाते हैं, लेकिन इन दिनों कोरोना के कारण बाहर जाना मुश्किल है इसलिए इस दिन के लिए लोग घर पर ही तैयारियां कर रहे हैं।

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Date : 07 May 2021 Posted By : EDITOR
Mother’s Day 2021 प्यार और ममता का प्रतीक मदर्स डे
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प्यार और ममता का प्रतीक मदर्स डे हर साल मई माह के दूसरे हफ्ते के संडे को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने के पीछे मां की निःस्वार्थ सेवा और प्यार के बदले उन्हें सम्मान और धन्यवाद देना है

मदर्स डे का इतिहास और महत्व-
9 मई 1914 को अमेरिकी प्रेसिडेंट वुड्रो विल्सन ने एक लॉ पास किया था जिसमें लिखा था कि मई महीने के हर दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाएगा। इसके बाद हर साल अमेरिका, भारत और कई देशों में मई महीने के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाने लगा। मदर्स डे मनाने की शुरुआत सबसे पहले अमेरिका से हुई थी। अमेरिकन एक्टिविस्ट एना जार्विस अपनी मां से बहुत प्यार करती थीं। मां की मौत होने के बाद प्यार जताने के लिए उन्होंने इस दिन को मनाने की शुरुआत की। इसके बाद धीरे-धीरे कई देशों में मदर्स डे मनाया जाने लगा।
मदर्स डे की शुरुआत 1908 में अमेरिका से हुई थी। अमेरिका के वर्जीनिया में रहने वाली एना ने अपनी मां के प्रेम और समर्पण को देखते हुए इस दिन की शुरुआत की थी। ऐसा कहा जाता है कि एना की मां ने उसे बड़े जतन से पाला पोसा था। अपनी मां के समर्पण से वह बहुत प्रभावित हुईं और मां से बेहद प्यार करने लगीं। उस दौरान एना ने प्रतिज्ञा की थी कि वह कभी शादी नहीं करेंगी और मां की सेवा उसी भाव से करेंगी, जैसा उसकी मां करती हैं। काफी समय के बाद एना की मां का निधन हो गया। इसके बाद अमेरिका में गृहयुद्ध के दौरान एना ने घायल हुए सैनिकों की देखभाल मां के रूप में की। एना अपनी मां को सम्मान देना चाहती थीं, इसलिए वो एक ऐसे दिन की तलाश कर रहीं थीं, जिस दिन दुनिया की सभी माओं को सम्मान मिल सके। इसके बाद एना ने मां के प्रति सम्मान के लिए 'मदर्स डे' की शुरुआत की। इसे लेकर उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस को प्रस्ताव दिया, जो खारिज कर दिया गया। इसके बाद 1911 में प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया, जिसके फलस्वरूप अमेरिका के राष्ट्रपति ने 'मदर्स डे' मनाने की घोषणा

मदर्स डे का महत्व

मां के बलिदान और निस्वार्थ प्रेम के प्रति आभार प्रकट करने के लिए 'मदर्स डे' मनाया जाता है। बच्चे इस खास दिन अपनी मां को स्पेशल महसूस कराने के लिए तमाम करह की तैयारियां करते हैं। अपनी मां को प्यार जताने के लिए बच्चे गिफ्ट्स, कार्ड्स देते हैं और लंच व डिनर के लिए बाहर ले जाते हैं, लेकिन इन दिनों कोरोना के कारण बाहर जाना मुश्किल है इसलिए इस दिन के लिए लोग घर पर ही तैयारियां कर रहे हैं।

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