Today, every household in India has one or the other Tata product

Har Ghar TATA : आज भारत के घर-घर में टाटा का कोई न कोई प्रोडक्ट इस्तेमाल हो रहा है, 365 अरब डॉलर का कारोबार

 

Har Ghar TATA : आज भारत के घर-घर में टाटा का कोई न कोई प्रोडक्ट इस्तेमाल हो रहा है…

हर घर में TATA, सबसे कम मार्केट कैप वाली कंपनी , 365 अरब डॉलर का कारोबार

Mumbai: Tata Group के पास लग्जरी कार बनाने वाली Land-Rover Jaguar है. यह Air India की मालिक है. देश की बड़ी टेक कंपनियों में से एक #TCS भी टाटा ग्रुप की है. अकेले TCS market cap 14 लाख करोड़ रुपये होने वाला है. 17 कंपनियां बाजार में लिस्टेड हैं. इन लिस्टेड कंपनियों में से सबसे कम मार्केट कैप वाली कंपनी भी 1830 करोड़ रुपये की है. आज भारत के घर-घर में टाटा का कोई न कोई प्रोडक्ट इस्तेमाल हो रहा है। रतन टाटा ने देश को ऐसे-ऐसे प्रोडक्ट दिए, जिसका इस्तेमाल भारत के अपर क्लास से लेकर लोअर क्लास तक इस्तेमाल कर रहा है।
टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा दुनिया को अलविदा कह चुके हैं। उन्होंने 86 की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में आखिरी सांस ली। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। 31 मार्च, 2024 तक टाटा ग्रुप का कुल मार्केट कैप 365 अरब डॉलर था। लेकिन टाटा ग्रुप का ये विराट कारोबार यूं ही यहां तक नहीं पहुंचा। टाटा ग्रुप को इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए रतन टाटा ने मजदूरों की तरह काम किया है। 28 दिसंबर, 1937 को मुंबई में पैदा हुआ रतन टाटा के पिता नवल टाटा और मां सूनी टाटा 1948 में अलग हो गए थे। जिसके बाद उनकी दादी ने उन्हें पाला-पोसा।
रतन टाटा का टाटा ग्रुप नमक बनाने से लेकर हवाई जहाज उड़ा रहा है। रतन टाटा की ही देन है कि आज भारत के घर-घर में टाटा का कोई न कोई प्रोडक्ट इस्तेमाल हो रहा है। रतन टाटा ने देश को ऐसे-ऐसे प्रोडक्ट दिए, जिसका इस्तेमाल भारत के अपर क्लास से लेकर लोअर क्लास तक इस्तेमाल कर रहा है।
Tata Steel
Ratan Tata शुरुआती पढ़ाई के बाद साल 1959 में रतन टाटा ने आर्किटेक्चर और स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और फिर अमेरिका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी (Cornell University) चले गए. इसके बाद साल 1962 में उनकी वतन वापसी हुई और उन्होंने बिजनेस सेक्टर में Tata Steel के जरिए कदम रखा, हालांकि उन्होंने शुरुआत में कर्मचारी के तौर पर इसे ज्वाइन किया था और जमशेदनगर प्लांट में उन्होंने कर्मचारी बनकर काम किया और बारीकियां सीखीं.
रतन टाटा को 21 साल की उम्र में साल 1991 में ऑटो से लेकर स्टील तक के कारोबार से जुड़े समूह, टाटा समूह का चेयरमैन बनाया गया था. चेयरमैन बनने के बाद रतन टाटा ने टाटा ग्रुप को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया था. उन्होंने 2012 तक इस समूह का नेतृत्व किया, जिसकी स्थापना उनके परदादा ने एक सदी पहले की थी. 1996 में टाटा ने टेलीकॉम कंपनी टाटा टेलीसर्विसेज की स्थापना की और 2004 में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को मार्केट में लिस्‍ट कराया था.
ऑटोमोटिव हॉल ऑफ फेम
रतन टाटा को ऑटोमोटिव उद्योग में उनके योगदान और जगुआर लैंड रोवर के कायाकल्प के लिए ऑटोमोटिव हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया है। टाटा मोटर्स के संस्थापक को 23 जुलाई, 2015 को अमेरिका के डेट्रायट में आयोजित एक पुरस्कार समारोह में यह सम्मान दिया गया था। ऑटोमोटिव हॉल ऑफ फेम में शामिल होने का अधिकार उन लोगों को दिया जाता है, जिनका “ऑटोमोटिव उद्योग में सकारात्मक असर” रहा है और जिन्होंने “ऑटोमोटिव उद्योग पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है।

 

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