PM Modi spoke in the presence of the President of Finland

फिनलैंड के राष्ट्रपति की मौजूदगी में बोले PM मोदी……

फिनलैंड के राष्ट्रपति की मौजूदगी में बोले PM मोदी……

केवल सैन्य विवाद से किसी भी मुद्दे का समाधान नहीं निकल सकता

भारत और फिनलैंड के बीच कई एमओयू पर हस्ताक्षर

नई दिल्ली । भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में गुरुवार को फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। इसके बाद दोनों देशों के बीच कई एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसके बाद पीएम मोदी ने भारत और फिनलैंड की साझेदारी की प्रतिबद्धता जताकर कहा कि यह भारत और फिनलैंड के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को और ताकत मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, फिनलैंड के राष्ट्रपति के रूप में अपनी पहली भारत यात्रा पर आए राष्ट्रपति स्टब का स्वागत करता हूं। आप जैसे अनुभवी नेता का इस वर्ष के रायसीना डायलॉग का मुख्य अतिथि बनना सम्मान और खुशी की बात है। यूक्रेन से लेकर वेस्ट एशिया तक दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। इस विपरीत परिस्थित में भारत और यूरोप अपने संबंधों के सुनहरे दौर में प्रवेश कर रहे हैं। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि केवल सैन्य विवाद से किसी भी मुद्दे का समाधान नहीं निकल सकता। पीएम मोदी ने कहा, हमारा बढ़ता सहयोग विकास और साझा समृद्धि को नई उपलब्धि दे रहा है। 2026 की शुरुआत में ऐतिहासिक एफटीए समझौता हुआ। यह भारत और फिनलैंड के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को और प्रबल करेगा। डिजिटल तकनीक, इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्टेनिबिलिटी जैसे क्षेत्रों में दोनों देश महत्वपूर्ण साझेदार हैं। नोकिया के मोबाइल फोन और टेलीकॉम नेटवर्क ने करोड़ों भारतीयों को जोड़ा है। फिनलैंड के आर्किटेक्ट के सहयोग से भारत सरकार ने चिनाब नदी पर विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज बनाया है। फिनलैंड की साझेदारी से असम के नुमालीगढ़ में दुनिया की सबसे बड़ी असम बायो इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड (एबीईपीएल) रिफाइनरी बनाई है।
उन्होंने कहा कि इसतरह के महत्वपूर्ण उदाहरणों से प्रेरित होकर राष्ट्रपति स्टब की इस यात्रा में हम भारत-फिनलैंड संबंधों को एक रणनीतिक पार्टनरशिप को एक डिजिटलीकरण और स्थिरता का रूप दे रहे हैं। यह साझेदारी, एआई से लेकर 6जी टेलीकॉम तक और क्लीन एनर्जी से लेकर क्वांटम कंप्यूटिंग तक, कई हाईटेक क्षेत्रों में हमारे सहयोग को गति और ऊर्जा देगी। हम इस बात पर भी एकमत हैं कि बढ़ती हुई वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए वैश्विक संस्थाओं का रिफॉर्म आवश्यक ही नहीं, अर्जेंट भी है और आतंकवाद के हर रूप को जड़ से समाप्त करना हमारी साझी प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा, भारत और फिनलैंड, दोनों, कानून के नियम, डायलॉग और कूटनीति में विश्वास रखते हैं। हम एकमत हैं कि केवल सैन्य विवाद से किसी भी मुद्दे का समाधान नहीं निकल सकता।

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