Ram Sutar, who built the world's tallest statue, the Statue of Unity

दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण करने वाले राम सुतार का निधन

दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण करने वाले राम सुतार का निधन

नोएडा । दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण करने वाले महान मूर्तिकार राम वंजी सुधार का निधन हो गया। वे 100 साल थे और लंबी बीमारी के बाद बीती देर रात नोएडा के सेक्टर-19 स्थित उनके निवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। आज उनका अंतिम संस्कार सेक्टर-94 में किया जाएगा। राम सुतार ने महज एक मूर्तिकार के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्र के गौरव को जीवंत करने वाले कलाकार के रूप में अपनी पहचान बनाई। सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी हो या महात्मा गांधी की ध्यानमग्न मुद्रा वाली प्रतिमाएं, उनके हाथों से निकली हर रचना देश की स्मृतियों में अमर हो गई। 1925 में महाराष्ट्र के एक साधारण परिवार में जन्मे सुतार ने छेनी-हथौड़ी से सपनों को तराशा और भारत को विश्व स्तर पर गौरवान्वित किया। कई दिनों से अस्वस्थ चल रहे पद्म भूषण से सम्मानित राम सुतार ने नोएडा में अपने घर पर ही आखिरी सांस ली। उनके निधन से कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके बेटे अनिल सुतार, जो खुद एक कुशल शिल्पकार हैं, ने पिता की विरासत को आगे बढ़ाया है।

×
Date : 19 December 2025 Posted By : EDITOR
दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण करने वाले राम सुतार का निधन
News Image

दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण करने वाले राम सुतार का निधन

नोएडा । दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण करने वाले महान मूर्तिकार राम वंजी सुधार का निधन हो गया। वे 100 साल थे और लंबी बीमारी के बाद बीती देर रात नोएडा के सेक्टर-19 स्थित उनके निवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। आज उनका अंतिम संस्कार सेक्टर-94 में किया जाएगा। राम सुतार ने महज एक मूर्तिकार के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्र के गौरव को जीवंत करने वाले कलाकार के रूप में अपनी पहचान बनाई। सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी हो या महात्मा गांधी की ध्यानमग्न मुद्रा वाली प्रतिमाएं, उनके हाथों से निकली हर रचना देश की स्मृतियों में अमर हो गई। 1925 में महाराष्ट्र के एक साधारण परिवार में जन्मे सुतार ने छेनी-हथौड़ी से सपनों को तराशा और भारत को विश्व स्तर पर गौरवान्वित किया। कई दिनों से अस्वस्थ चल रहे पद्म भूषण से सम्मानित राम सुतार ने नोएडा में अपने घर पर ही आखिरी सांस ली। उनके निधन से कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके बेटे अनिल सुतार, जो खुद एक कुशल शिल्पकार हैं, ने पिता की विरासत को आगे बढ़ाया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Releated

फ्लाइट में सीट को लेकर घमासान! बांग्लादेश से लंदन जा रही उड़ान में यात्रियों के बीच मारपीट

📰 Generate e-Paper Clip फ्लाइट में सीट को लेकर घमासान! बांग्लादेश से लंदन जा रही उड़ान में यात्रियों के बीच मारपीट ढाका। ढाका से लंदन जा रही बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट में 16 सितंबर को सीट को लेकर तीन यात्रियों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया। सोशल […]

MP: CM मोहन यादव ने शुरू किया मुफ्त रजिस्ट्री अभियान, 41 हजार गांवों के परिवारों को मिलेगा संपत्ति का अधिकार

📰 Generate e-Paper Clip MP: ग्रामीण आबादी को मिलेगा अपनी संपत्ति का अधिकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव PM मोदी के जन्मदिन पर स्वामित्व योजना एक अनमोल उपहार :  नितिन नवीन स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 के अंतर्गत 50 लाख निजी संपत्तियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री अभियान का शुभारंभ, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री […]