Saurabh Sharma appointment Former minister Bhupendra Singh

सौरभ शर्मा नियुक्ति विवाद: पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने आरोपों को बताया भ्रामक, दी सफाई

सौरभ शर्मा नियुक्ति विवाद: पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने आरोपों को बताया भ्रामक, दी सफाई

भोपाल । मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग के पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा की काली कमाई का मामला अब उनकी नियुक्ति तक पहुंच गया है। इस विवाद के केंद्र में तत्कालीन परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में सौरभ की नियुक्ति में उनकी भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज होने के बाद भूपेंद्र सिंह ने अपनी सफाई पेश करते हुए इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने सौरभ शर्मा की नियुक्ति के लिए किसी प्रकार की अनुशंसा नहीं की, बल्कि केवल विभाग से अभिमत मांगा था।
भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मंत्री किसी कर्मचारी की नियुक्ति का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि परिवहन आरक्षक की नियुक्ति का अधिकार केवल परिवहन आयुक्त के पास होता है। भूपेंद्र सिंह ने अभिमत मांगने और सिफारिश करने को दो अलग -अलग प्रक्रिया बताया। भूपेंद्र सिंह का कहना है कि मीडिया में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की है। उन्होंने आशंका जताई कि इस प्रकार के भ्रामक समाचारों के जरिए जांच एजेंसियों का ध्यान असली मुद्दे से भटकाया जा रहा है और मुख्य आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर षड्यंत्र पूर्वक मेरे खिलाफ खबर प्रकाशित की गई हैं।

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Date : 07 January 2025 Posted By : EDITOR
सौरभ शर्मा नियुक्ति विवाद: पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने आरोपों को बताया भ्रामक, दी सफाई
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सौरभ शर्मा नियुक्ति विवाद: पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने आरोपों को बताया भ्रामक, दी सफाई

भोपाल । मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग के पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा की काली कमाई का मामला अब उनकी नियुक्ति तक पहुंच गया है। इस विवाद के केंद्र में तत्कालीन परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में सौरभ की नियुक्ति में उनकी भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज होने के बाद भूपेंद्र सिंह ने अपनी सफाई पेश करते हुए इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने सौरभ शर्मा की नियुक्ति के लिए किसी प्रकार की अनुशंसा नहीं की, बल्कि केवल विभाग से अभिमत मांगा था।
भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मंत्री किसी कर्मचारी की नियुक्ति का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि परिवहन आरक्षक की नियुक्ति का अधिकार केवल परिवहन आयुक्त के पास होता है। भूपेंद्र सिंह ने अभिमत मांगने और सिफारिश करने को दो अलग -अलग प्रक्रिया बताया। भूपेंद्र सिंह का कहना है कि मीडिया में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की है। उन्होंने आशंका जताई कि इस प्रकार के भ्रामक समाचारों के जरिए जांच एजेंसियों का ध्यान असली मुद्दे से भटकाया जा रहा है और मुख्य आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर षड्यंत्र पूर्वक मेरे खिलाफ खबर प्रकाशित की गई हैं।

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