1.22 Lakh Students for Laptops through Single Click

मेहनत से सफलता पाएं, असफलता से सीखें — CM डॉ. मोहन यादव ने विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र

मेहनत से सफलता पाएं, असफलता से सीखें — CM डॉ. मोहन यादव ने विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र

1.22 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप की सौगात!

प्रतिभा को तकनीक से जोड़कर मेधावी विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दे रही राज्य सरकार

मुख्यमंत्री ने लगभग 1.22 लाख विद्यार्थियों के खातों में सिंगल क्लिक से की लैपटॉप के लिए 304.98 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित

प्रत्येक पात्र प्रतिभाशाली विद्यार्थी को मिली 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लैपटॉप वितरण राज्य स्तरीय कार्यक्रम को किया संबोधित

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विद्यार्थी की वास्तविक सफलता केवल अच्छे अंक अथवा प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में नहीं, बल्कि उसके संस्कार, विनम्रता, अनुशासन और व्यक्तित्व में निहित होती है। विद्यार्थी सफलता से उत्साहित हों, लेकिन अपने भीतर अहंकार नहीं आने दें। असफलता से निराश होने के स्थान पर असफलता के कारणों को समझें और उनसे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाएँ। मैदान में उतरने वाला खिलाड़ी ही कभी हारता और कभी जीतता है। जीतने का सपना देखने और चुनौतियों का सामना करने का साहस रखने वाला ही सच्चा खिलाड़ी कहलाता है। संघर्षों से बचने वाले जीवन में कभी सफल नहीं होते। जीवन में कठिनाइयों और चुनौतियों से घबराने की आवश्यकता नहीं है। सफलता संघर्ष, धैर्य और दृढ़ संकल्प से प्राप्त होती है। परमात्मा ने प्रत्येक व्यक्ति को सीमित और मूल्यवान समय दिया है। विद्यार्थी इसका सदुपयोग करते हुए पूरी ईमानदारी से अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें। आज किया गया परिश्रम ही कल की बड़ी सफलता का आधार बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय ‘प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’ के राशि अंतरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक से प्रदेश के लगभग एक लाख 22 हजार मेधावी विद्यार्थियों के बैंक खातों में लैपटॉप खरीदने के लिए 304 करोड़ 98 लाख 50 हजार रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। प्रत्येक पात्र प्रतिभाशाली विद्यार्थी को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं की परीक्षा में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है।
लैपटॉप ज्ञान और संभावनाओं का प्रवेश-द्वार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से कहा कि लैपटॉप केवल एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और भविष्य की नई संभावनाओं का प्रवेश-द्वार है। विद्यार्थी इसका उपयोग ऑनलाइन अध्ययन, डिजिटल पाठ्य सामग्री, ई-लाइब्रेरी, शोध तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए करें। तकनीक के माध्यम से अपने ज्ञान का विस्तार करते हुए विद्यार्थी अपने निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी के भीतर कोई न कोई विशिष्ट प्रतिभा अवश्य होती है। मूर्तिकार जिस प्रकार पत्थर में छिपी मूर्ति को पहचानकर अनावश्यक हिस्सों को हटाता है, उसी प्रकार शिक्षक विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उनके व्यक्तित्व को निखारते हैं। विद्यार्थियों की सफलता में उनके माता-पिता और शिक्षकों के त्याग, परिश्रम एवं मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने बढ़ाया प्रदेश का गौरव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश के शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थी निरंतर उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित कर रहे हैं। मेरिट सूची में शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी शिक्षकों की मेहनत और शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तक, गणवेश, साइकिल, स्कूटी, छात्रवृत्ति और लैपटॉप जैसी सुविधाएँ उपलब्ध करा रही है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी के सपनों की राह में बाधा न बने। प्रदेश का प्रत्येक विद्यार्थी अपनी योग्यता के आधार पर डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, वैज्ञानिक, अधिकारी, उद्यमी बने अथवा अपनी पसंद के किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़े।

शिक्षा के लिए बजट में व्यापक प्रावधान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को प्रदेश के भविष्य में निवेश मानती है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 36 हजार 730 करोड़ रुपये, उच्च शिक्षा विभाग के लिए 4 हजार 247 करोड़ रुपये तथा तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के लिए 2 हजार 932 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में स्कूल, महाविद्यालय, तकनीकी शिक्षण संस्थान और चिकित्सा महाविद्यालयों का विस्तार किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा शिक्षा की सीटों में निरंतर वृद्धि से प्रदेश के विद्यार्थियों को अपने ही राज्य में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के और अधिक अवसर मिल रहे हैं। युवाओं के लिए शासकीय भर्तियों की प्रक्रिया भी निरंतर और पारदर्शी रूप से संचालित की जा रही है।
द्वितीय बोर्ड परीक्षा से मिला सुधार का नया अवसर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले बोर्ड परीक्षा में अपेक्षित परिणाम नहीं आने पर विद्यार्थियों का पूरा वर्ष प्रभावित हो जाता था। विद्यार्थियों के हित में अब कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में द्वितीय मुख्य परीक्षा का अवसर उपलब्ध कराया गया है। इससे विद्यार्थी अपने अंकों में सुधार कर सकते हैं और असफल होने पर बिना वर्ष गँवाए पुनः प्रयास कर सकते हैं। यह व्यवस्था विद्यार्थियों को निराशा से बचाकर आगे बढ़ने का नया अवसर प्रदान करती है।
शिक्षा और विद्यार्थियों को सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्ववर्ती सरकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में प्रदेश में शिक्षण संस्थानों और विद्यार्थियों को समुचित अवसर नहीं मिल सके। वर्तमान राज्य सरकार ने विद्यालयीन शिक्षा से लेकर उच्च, तकनीकी और चिकित्सा शिक्षा तक अधोसंरचना, बजट तथा संस्थानों का व्यापक विस्तार किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विश्व में भारत का मान-सम्मान निरंतर बढ़ रहा है। देश की युवा शक्ति, लोकतांत्रिक व्यवस्था और सशक्त नेतृत्व ने भारत के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। मध्यप्रदेश सरकार भी शिक्षा, कौशल, तकनीक और रोजगार को युवा भविष्य के निर्माण का आधार बनाकर कार्य कर रही है।
शासकीय स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षकों और विद्वानों को गुरु पूर्णिमा पर किया गया सम्मानित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश युवाओं को आगे बढ़ते हुए देखना चाहता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार भी इस विकास यात्रा में कदम से कदम मिलाकर साथ चल रही है। विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और कौशल ही सफलता के दो मित्र हैं। राज्य सरकार ने बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाले शासकीय स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षकों और विद्वानों को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सम्मानित किया है। जीवन में आगे बढ़ने के लिए हमें अपने मन में संकल्प और दृढ़ निश्चय की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि बड़े लक्ष्य तय करें और उन्हें हासिल करने के लिए परिश्रम करें।
राज्य सरकार ने वर्ष 2028 तक कुल 55 मेडिकल कॉलेज और 10 हजार यूजी सीटों का लक्ष्य किया है तय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार स्कूल शिक्षा की बेहतरी के लिए प्रतिबद्ध है। बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें, ड्रेस, साइकिलें, लैपटॉप और स्कूटी भी प्रदान की जा रही हैं। हमारी सरकार ने तेजी से नए मेडिकल कॉलेज खोलने प्रारंभ किए हैं। प्रदेश में आजादी के बाद 55 साल में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे। अब निजी और शासकीय मिलाकर कुल 33 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं। राज्य में अभी साढ़े 6 हजार से अधिक एमबीबीएस की सीटें हैं। राज्य सरकार ने वर्ष 2028 तक कुल 55 मेडिकल कॉलेज और 10 हजार यूजी सीटों का लक्ष्य तय किया है।
राज्य सरकार ने कोई नया कर नहीं लगाते हुए प्रदेश का बजट बढ़ाकर 4 लाख 38 हजार करोड़ तक पहुंचाया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने कोई नया कर नहीं लगाते हुए प्रदेश का बजट बढ़ाकर 4 लाख 38 हजार करोड़ तक पहुंचाया है। इसमें स्कूल शिक्षा पर 36 हजार 730 करोड़, चिकित्सा शिक्षा पर 24 हजार करोड़, उच्च शिक्षा पर 4200 करोड़, तकनीकी शिक्षा पर 2932 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। सभी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती का अभियान निरंतर जारी है। अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ देकर राज्य सरकार अपने उत्तरदायित्वों को पूरा कर रही है। पदोन्नति अगर नहीं मिले तो जीवन में निराशा आ जाती है। हमारी सरकार ने सालों से लंबित पदोन्नतियों का मार्ग प्रशस्त किया है। पदोन्नति से सभी विभागों के कर्मचारियों में प्रसन्नता, उत्साह और सकारात्मकता का वातावरण बना है।
विद्यार्थियों से किया संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेधावी विद्यार्थियों से उनके भविष्य के सपनों को लेकर संवाद भी किया। मेधावी विद्यार्थी बुंदेला ने बताया कि वे एक सफल राजनेता बनकर देश-प्रदेश की सेवा करना चाहते हैं। एक छात्रा ने बताया कि वर्तमान समय में युवाओं को स्किल की जरूरत है। हमें अपने सपनों को पूरा करने के लिए अथक परिश्रम करना चाहिए। अकाउंट की पढ़ाई कर रही छात्रा ने कहा कि यह लैपटॉप उन्हें ऑनलाइन एजुकेशन में काफी मददगार साबित होगा। एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही छात्रा तन्वी कुमावत ने बताया कि वे डॉक्टर बनकर जरूरतमंदों की सेवा करना चाहती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अगर आज लर्न (सीखेंगे) करेंगे तो कल अर्न (अर्जित) करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि निश्चित रूप से ये लैपटॉप पढ़ाई की दिशा में विद्यार्थियों के लिये महत्वपूर्ण सहायक सिद्ध होगा।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पिछले 3 साल से बढ़ती जा रही है प्रवेश दर
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश की शिक्षण व्यवस्था बेहतर हो रही है। कक्षा 12वीं में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत या अधिक अंक पाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए लैपटॉप की राशि दी जा रही है। लैपटॉप लेने वाले बच्चों की संख्या प्रतिवर्ष बढ़ रही है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पिछले 3 साल से प्रवेश दर बढ़ती जा रही है। हमारी सरकार के प्रयासों से स्कूली बच्चों की ड्रॉप आउट दर शून्य हो गई है। यह लैपटॉप विद्यार्थियों की कॉलेज की पढ़ाई को सरल और डिजिटल करेगा। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत डिजिटलीकरण को प्रोत्साहित किया गया है।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना अंतर्गत अब तक कुल साढ़े 6 लाख विद्यार्थियों को 1620 करोड़ रुपए लैपटॉप के लिए विद्यार्थियों के खातों में भेजे गए हैं। राज्य में लगभग 18 हजार रिक्त पदों पर शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रक्रिया जारी है। हमारे बच्चे वर्ष 2047 में विकसित भारत का नेतृत्व करेंगे। जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना आज वट वृक्ष का रूप ले चुकी है। मेधावी विद्यार्थियों को लगातार लैपटॉप क्रय के लिए राशि वितरित की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सरकार अपनी योजनाओं से जन-जन को लाभान्वित कर रही है।
कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, विधायक श्री विष्णु खत्री, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण श्री अभिषेक सिंह सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आए मेधावी विद्यार्थी, शिक्षण एवं अभिभावक उपस्थित थे।

×
Date : 01 September 2026 Posted By : EDITOR
मेहनत से सफलता पाएं, असफलता से सीखें — CM डॉ. मोहन यादव ने विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र
News Image

मेहनत से सफलता पाएं, असफलता से सीखें — CM डॉ. मोहन यादव ने विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र

1.22 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप की सौगात!

प्रतिभा को तकनीक से जोड़कर मेधावी विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दे रही राज्य सरकार

मुख्यमंत्री ने लगभग 1.22 लाख विद्यार्थियों के खातों में सिंगल क्लिक से की लैपटॉप के लिए 304.98 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित

प्रत्येक पात्र प्रतिभाशाली विद्यार्थी को मिली 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लैपटॉप वितरण राज्य स्तरीय कार्यक्रम को किया संबोधित

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विद्यार्थी की वास्तविक सफलता केवल अच्छे अंक अथवा प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में नहीं, बल्कि उसके संस्कार, विनम्रता, अनुशासन और व्यक्तित्व में निहित होती है। विद्यार्थी सफलता से उत्साहित हों, लेकिन अपने भीतर अहंकार नहीं आने दें। असफलता से निराश होने के स्थान पर असफलता के कारणों को समझें और उनसे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाएँ। मैदान में उतरने वाला खिलाड़ी ही कभी हारता और कभी जीतता है। जीतने का सपना देखने और चुनौतियों का सामना करने का साहस रखने वाला ही सच्चा खिलाड़ी कहलाता है। संघर्षों से बचने वाले जीवन में कभी सफल नहीं होते। जीवन में कठिनाइयों और चुनौतियों से घबराने की आवश्यकता नहीं है। सफलता संघर्ष, धैर्य और दृढ़ संकल्प से प्राप्त होती है। परमात्मा ने प्रत्येक व्यक्ति को सीमित और मूल्यवान समय दिया है। विद्यार्थी इसका सदुपयोग करते हुए पूरी ईमानदारी से अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें। आज किया गया परिश्रम ही कल की बड़ी सफलता का आधार बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय ‘प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’ के राशि अंतरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक से प्रदेश के लगभग एक लाख 22 हजार मेधावी विद्यार्थियों के बैंक खातों में लैपटॉप खरीदने के लिए 304 करोड़ 98 लाख 50 हजार रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। प्रत्येक पात्र प्रतिभाशाली विद्यार्थी को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं की परीक्षा में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है।
लैपटॉप ज्ञान और संभावनाओं का प्रवेश-द्वार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से कहा कि लैपटॉप केवल एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और भविष्य की नई संभावनाओं का प्रवेश-द्वार है। विद्यार्थी इसका उपयोग ऑनलाइन अध्ययन, डिजिटल पाठ्य सामग्री, ई-लाइब्रेरी, शोध तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए करें। तकनीक के माध्यम से अपने ज्ञान का विस्तार करते हुए विद्यार्थी अपने निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी के भीतर कोई न कोई विशिष्ट प्रतिभा अवश्य होती है। मूर्तिकार जिस प्रकार पत्थर में छिपी मूर्ति को पहचानकर अनावश्यक हिस्सों को हटाता है, उसी प्रकार शिक्षक विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उनके व्यक्तित्व को निखारते हैं। विद्यार्थियों की सफलता में उनके माता-पिता और शिक्षकों के त्याग, परिश्रम एवं मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने बढ़ाया प्रदेश का गौरव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश के शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थी निरंतर उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित कर रहे हैं। मेरिट सूची में शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी शिक्षकों की मेहनत और शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तक, गणवेश, साइकिल, स्कूटी, छात्रवृत्ति और लैपटॉप जैसी सुविधाएँ उपलब्ध करा रही है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी के सपनों की राह में बाधा न बने। प्रदेश का प्रत्येक विद्यार्थी अपनी योग्यता के आधार पर डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, वैज्ञानिक, अधिकारी, उद्यमी बने अथवा अपनी पसंद के किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़े।

शिक्षा के लिए बजट में व्यापक प्रावधान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को प्रदेश के भविष्य में निवेश मानती है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 36 हजार 730 करोड़ रुपये, उच्च शिक्षा विभाग के लिए 4 हजार 247 करोड़ रुपये तथा तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के लिए 2 हजार 932 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में स्कूल, महाविद्यालय, तकनीकी शिक्षण संस्थान और चिकित्सा महाविद्यालयों का विस्तार किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा शिक्षा की सीटों में निरंतर वृद्धि से प्रदेश के विद्यार्थियों को अपने ही राज्य में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के और अधिक अवसर मिल रहे हैं। युवाओं के लिए शासकीय भर्तियों की प्रक्रिया भी निरंतर और पारदर्शी रूप से संचालित की जा रही है।
द्वितीय बोर्ड परीक्षा से मिला सुधार का नया अवसर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले बोर्ड परीक्षा में अपेक्षित परिणाम नहीं आने पर विद्यार्थियों का पूरा वर्ष प्रभावित हो जाता था। विद्यार्थियों के हित में अब कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में द्वितीय मुख्य परीक्षा का अवसर उपलब्ध कराया गया है। इससे विद्यार्थी अपने अंकों में सुधार कर सकते हैं और असफल होने पर बिना वर्ष गँवाए पुनः प्रयास कर सकते हैं। यह व्यवस्था विद्यार्थियों को निराशा से बचाकर आगे बढ़ने का नया अवसर प्रदान करती है।
शिक्षा और विद्यार्थियों को सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्ववर्ती सरकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में प्रदेश में शिक्षण संस्थानों और विद्यार्थियों को समुचित अवसर नहीं मिल सके। वर्तमान राज्य सरकार ने विद्यालयीन शिक्षा से लेकर उच्च, तकनीकी और चिकित्सा शिक्षा तक अधोसंरचना, बजट तथा संस्थानों का व्यापक विस्तार किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विश्व में भारत का मान-सम्मान निरंतर बढ़ रहा है। देश की युवा शक्ति, लोकतांत्रिक व्यवस्था और सशक्त नेतृत्व ने भारत के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। मध्यप्रदेश सरकार भी शिक्षा, कौशल, तकनीक और रोजगार को युवा भविष्य के निर्माण का आधार बनाकर कार्य कर रही है।
शासकीय स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षकों और विद्वानों को गुरु पूर्णिमा पर किया गया सम्मानित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश युवाओं को आगे बढ़ते हुए देखना चाहता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार भी इस विकास यात्रा में कदम से कदम मिलाकर साथ चल रही है। विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और कौशल ही सफलता के दो मित्र हैं। राज्य सरकार ने बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाले शासकीय स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षकों और विद्वानों को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सम्मानित किया है। जीवन में आगे बढ़ने के लिए हमें अपने मन में संकल्प और दृढ़ निश्चय की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि बड़े लक्ष्य तय करें और उन्हें हासिल करने के लिए परिश्रम करें।
राज्य सरकार ने वर्ष 2028 तक कुल 55 मेडिकल कॉलेज और 10 हजार यूजी सीटों का लक्ष्य किया है तय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार स्कूल शिक्षा की बेहतरी के लिए प्रतिबद्ध है। बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें, ड्रेस, साइकिलें, लैपटॉप और स्कूटी भी प्रदान की जा रही हैं। हमारी सरकार ने तेजी से नए मेडिकल कॉलेज खोलने प्रारंभ किए हैं। प्रदेश में आजादी के बाद 55 साल में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे। अब निजी और शासकीय मिलाकर कुल 33 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं। राज्य में अभी साढ़े 6 हजार से अधिक एमबीबीएस की सीटें हैं। राज्य सरकार ने वर्ष 2028 तक कुल 55 मेडिकल कॉलेज और 10 हजार यूजी सीटों का लक्ष्य तय किया है।
राज्य सरकार ने कोई नया कर नहीं लगाते हुए प्रदेश का बजट बढ़ाकर 4 लाख 38 हजार करोड़ तक पहुंचाया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने कोई नया कर नहीं लगाते हुए प्रदेश का बजट बढ़ाकर 4 लाख 38 हजार करोड़ तक पहुंचाया है। इसमें स्कूल शिक्षा पर 36 हजार 730 करोड़, चिकित्सा शिक्षा पर 24 हजार करोड़, उच्च शिक्षा पर 4200 करोड़, तकनीकी शिक्षा पर 2932 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। सभी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती का अभियान निरंतर जारी है। अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ देकर राज्य सरकार अपने उत्तरदायित्वों को पूरा कर रही है। पदोन्नति अगर नहीं मिले तो जीवन में निराशा आ जाती है। हमारी सरकार ने सालों से लंबित पदोन्नतियों का मार्ग प्रशस्त किया है। पदोन्नति से सभी विभागों के कर्मचारियों में प्रसन्नता, उत्साह और सकारात्मकता का वातावरण बना है।
विद्यार्थियों से किया संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेधावी विद्यार्थियों से उनके भविष्य के सपनों को लेकर संवाद भी किया। मेधावी विद्यार्थी बुंदेला ने बताया कि वे एक सफल राजनेता बनकर देश-प्रदेश की सेवा करना चाहते हैं। एक छात्रा ने बताया कि वर्तमान समय में युवाओं को स्किल की जरूरत है। हमें अपने सपनों को पूरा करने के लिए अथक परिश्रम करना चाहिए। अकाउंट की पढ़ाई कर रही छात्रा ने कहा कि यह लैपटॉप उन्हें ऑनलाइन एजुकेशन में काफी मददगार साबित होगा। एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही छात्रा तन्वी कुमावत ने बताया कि वे डॉक्टर बनकर जरूरतमंदों की सेवा करना चाहती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अगर आज लर्न (सीखेंगे) करेंगे तो कल अर्न (अर्जित) करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि निश्चित रूप से ये लैपटॉप पढ़ाई की दिशा में विद्यार्थियों के लिये महत्वपूर्ण सहायक सिद्ध होगा।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पिछले 3 साल से बढ़ती जा रही है प्रवेश दर
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश की शिक्षण व्यवस्था बेहतर हो रही है। कक्षा 12वीं में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत या अधिक अंक पाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए लैपटॉप की राशि दी जा रही है। लैपटॉप लेने वाले बच्चों की संख्या प्रतिवर्ष बढ़ रही है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पिछले 3 साल से प्रवेश दर बढ़ती जा रही है। हमारी सरकार के प्रयासों से स्कूली बच्चों की ड्रॉप आउट दर शून्य हो गई है। यह लैपटॉप विद्यार्थियों की कॉलेज की पढ़ाई को सरल और डिजिटल करेगा। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत डिजिटलीकरण को प्रोत्साहित किया गया है।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना अंतर्गत अब तक कुल साढ़े 6 लाख विद्यार्थियों को 1620 करोड़ रुपए लैपटॉप के लिए विद्यार्थियों के खातों में भेजे गए हैं। राज्य में लगभग 18 हजार रिक्त पदों पर शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रक्रिया जारी है। हमारे बच्चे वर्ष 2047 में विकसित भारत का नेतृत्व करेंगे। जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना आज वट वृक्ष का रूप ले चुकी है। मेधावी विद्यार्थियों को लगातार लैपटॉप क्रय के लिए राशि वितरित की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सरकार अपनी योजनाओं से जन-जन को लाभान्वित कर रही है।
कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, विधायक श्री विष्णु खत्री, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण श्री अभिषेक सिंह सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आए मेधावी विद्यार्थी, शिक्षण एवं अभिभावक उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Releated

दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको पर हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला

📰 Generate e-Paper Clip दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको पर हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला,  रूस-चीन कर रहे युद्धविराम की कोशिश रियाद। सऊदी अरब में विश्व की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको के दाहरान स्थित मुख्यालय पर मंगलवार देर रात हुए हूती के बैलेस्टिक मिसाइल हमले में उसे भारी नुकसान हुआ है। हमले […]

Bharat D2C Conclave 2026 Brings 180+ Founders, Investors and Policymakers Together

📰 Generate e-Paper Clip Bharat D2C Conclave 2026 Bharat D2C Conclave 2026 Brings 180+ Founders, Investors and Policymakers Together Founders and Policy Makers Share One Room as Bharat D2C Conclave 2026 Sets the Agenda for India’s Consumer Brands D2C Industry Association (D2CIA) brings founders, investors and policy makers together in New Delhi; announces its Mumbai […]