The leftist parties of the country raised their voice

Israel-India Relations: देश के वामपंथी दलों ने फिलिस्तीन के समर्थन में आवाज उठाई, इजरायल पर प्रतिबंध की सरकार से की मांग

 

 देश के वामपंथी दलों ने फिलिस्तीन के समर्थन में आवाज उठाई, इजरायल पर प्रतिबंध की सरकार से की मांग

नई दिल्ली। देश के पांच प्रमुख वामपंथी दलों ने इजरायल द्वारा फिलिस्तीनियों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाते हुए भारत सरकार से इजरायल पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी), ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (एआईएफबी), और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी)-लिबरेशन (भाकपा-माले) ने एक संयुक्त बयान में भारत सरकार से इजरायल को हथियार और गोला-बारूद की आपूर्ति करने वाले सभी निर्यात लाइसेंस और अनुमतियों को तुरंत रद्द करने की मांग की है।
वामपंथी दलों ने फिलिस्तीनी राज्य की मान्यता की बात करते हुए 1947 से पहले की सीमाओं और पूर्वी यरुशलम को राजधानी के रूप में मान्यता देने की मांग की है। उन्होंने गाजा में इजरायल द्वारा किए गए अत्याचारों की निंदा करते हुए इसे नरसंहार की संज्ञा दी और कहा कि इस तरह के कृत्य संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और अंतरराष्ट्रीय कोर्ट (आईसीजे) के फैसलों का उल्लंघन हैं।
इन दलों ने कहा, “हम भारत के नागरिकों से फिलिस्तीन के लोगों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करने का आग्रह करते हैं।” उन्होंने इजरायल पर सैन्य प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए भारत सरकार से इजरायल के साथ सभी तरह के सैन्य सहयोग को समाप्त करने की अपील की है। इस घटना से पहले, हिजबुल्लाह कमांडर फउद शुकर और हमास के चीफ इस्माइल हानिया की हत्या के बाद इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। इस हत्या के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इजरायल से बदला लेने की बात कही है।

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Date : 02 August 2024 Posted By : EDITOR
Israel-India Relations: देश के वामपंथी दलों ने फिलिस्तीन के समर्थन में आवाज उठाई, इजरायल पर प्रतिबंध की सरकार से की मांग
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 देश के वामपंथी दलों ने फिलिस्तीन के समर्थन में आवाज उठाई, इजरायल पर प्रतिबंध की सरकार से की मांग

नई दिल्ली। देश के पांच प्रमुख वामपंथी दलों ने इजरायल द्वारा फिलिस्तीनियों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाते हुए भारत सरकार से इजरायल पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी), ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (एआईएफबी), और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी)-लिबरेशन (भाकपा-माले) ने एक संयुक्त बयान में भारत सरकार से इजरायल को हथियार और गोला-बारूद की आपूर्ति करने वाले सभी निर्यात लाइसेंस और अनुमतियों को तुरंत रद्द करने की मांग की है।
वामपंथी दलों ने फिलिस्तीनी राज्य की मान्यता की बात करते हुए 1947 से पहले की सीमाओं और पूर्वी यरुशलम को राजधानी के रूप में मान्यता देने की मांग की है। उन्होंने गाजा में इजरायल द्वारा किए गए अत्याचारों की निंदा करते हुए इसे नरसंहार की संज्ञा दी और कहा कि इस तरह के कृत्य संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और अंतरराष्ट्रीय कोर्ट (आईसीजे) के फैसलों का उल्लंघन हैं।
इन दलों ने कहा, “हम भारत के नागरिकों से फिलिस्तीन के लोगों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करने का आग्रह करते हैं।” उन्होंने इजरायल पर सैन्य प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए भारत सरकार से इजरायल के साथ सभी तरह के सैन्य सहयोग को समाप्त करने की अपील की है। इस घटना से पहले, हिजबुल्लाह कमांडर फउद शुकर और हमास के चीफ इस्माइल हानिया की हत्या के बाद इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। इस हत्या के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इजरायल से बदला लेने की बात कही है।

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