The monsoon will reach Kerala in seven days below-normal rainfall

मानसून 7 दिन बाद केरलम पहुंचेगा, इस बार सामान्य से कम बारिश का अनुमान

मानसून 7 दिन बाद केरलम पहुंचेगा, इस बार सामान्य से कम बारिश का अनुमान

जून-जुलाई में सताएगी भीषण लू!

नई दिल्ली । देश में मानसून की एंट्री लेट हो गई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को बताया कि श्रीलंका के ऊपर कम दबाव वाली तूफानी हवाओं के चलते केरलम तट से 30-35 किमी दूर 5 दिन से अटका है और अगले 2-3 दिन इसके आगे बढऩे के आसार नहीं हैं। केरलम के तट पर मानसून पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून मानी जाती है। इससे पहले मौसम विभाग ने 26 मई तक ही मानसून आने का अनुमान जताया था। इस तरह पिछले अनुमान से मानसून करीब 10 दिन बाद देश में एंट्री करेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक जून-जुलाई में भी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश में हीटवेव चलने की संभावना है। आमतौर पर उस वक्त तापमान 30-35 डिग्री तक रहता है। इस बार 3 डिग्री ज्यादा टेंपरेचर रहेगा।
इस साल बारिश भी 10 प्रतिशत तक कम होगी
मौसम विभाग ने बताया कि इस साल देश में औसतन 78 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान है। जो सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम है। 13 अप्रैल को 80 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान लगाया गया था। 1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर देश में औसत बारिश 87 सेंटीमीटर मानी जाती है। मौसम विभाग ने बताया कि जून में मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड में सामान्य से भी कम बारिश होगी। वहीं महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में सामान्य बारिश का अनुमान है।
देश के कोर जोन में कम बारिश से खेती पर सीधा असर
मौसम विभाग ने बताया कि इस साल मानसून के कोर जोन में कम बारिश होगी। इस इलाके में खेती सबसे ज्यादा मानसूनी बारिश पर निर्भर करती है। यानी बारिश का सीधा असर फसलों और खाद्य उत्पादन पर पड़ता है। मानसून कोर जोन में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र का विदर्भ, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, कुछ हिस्से उत्तर प्रदेश और बिहार के इलाके आते हैं। यहां खेती पर असर पडऩे से किसानों को सीधा नुकसान होगा।
कई राज्यों में बढ़ेगी हीटवेव
आईएमडी ने चेतावनी दी है कि जून के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश में सामान्य से ज्यादा लू वाले दिन देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी हीटवेव का प्रभाव बढऩे की संभावना है। हालांकि राजस्थान और झारखंड में सामान्य से कम लू पडऩे का अनुमान जताया गया है।
अल नीनो बढ़ा सकता है संकट
मौसम विभाग के अनुसार प्रशांत महासागर में तटस्थ ईएनएसओ (एल नीनो-दक्षिणी दोलन) की स्थिति अब धीरे-धीरे एल नीनो की ओर बढ़ रही है। मौसम मॉडल संकेत दे रहे हैं कि मानसून सीजन के दौरान एल नीनो विकसित हो सकता है। आमतौर पर एल नीनो का असर भारत में मानसूनी बारिश को कमजोर करता है। इसके कारण वर्षा की मात्रा कम हो सकती है और तापमान में वृद्धि देखी जाती है। यही वजह है कि इस बार मौसम विभाग का पूर्वानुमान चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है। आईएमडी ने कहा है कि जुलाई महीने की बारिश को लेकर अगला विस्तृत पूर्वानुमान जून के अंतिम सप्ताह में जारी किया जाएगा।

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Date : 30 May 2026 Posted By : EDITOR
मानसून 7 दिन बाद केरलम पहुंचेगा, इस बार सामान्य से कम बारिश का अनुमान
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मानसून 7 दिन बाद केरलम पहुंचेगा, इस बार सामान्य से कम बारिश का अनुमान

जून-जुलाई में सताएगी भीषण लू!

नई दिल्ली । देश में मानसून की एंट्री लेट हो गई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को बताया कि श्रीलंका के ऊपर कम दबाव वाली तूफानी हवाओं के चलते केरलम तट से 30-35 किमी दूर 5 दिन से अटका है और अगले 2-3 दिन इसके आगे बढऩे के आसार नहीं हैं। केरलम के तट पर मानसून पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून मानी जाती है। इससे पहले मौसम विभाग ने 26 मई तक ही मानसून आने का अनुमान जताया था। इस तरह पिछले अनुमान से मानसून करीब 10 दिन बाद देश में एंट्री करेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक जून-जुलाई में भी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश में हीटवेव चलने की संभावना है। आमतौर पर उस वक्त तापमान 30-35 डिग्री तक रहता है। इस बार 3 डिग्री ज्यादा टेंपरेचर रहेगा।
इस साल बारिश भी 10 प्रतिशत तक कम होगी
मौसम विभाग ने बताया कि इस साल देश में औसतन 78 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान है। जो सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम है। 13 अप्रैल को 80 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान लगाया गया था। 1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर देश में औसत बारिश 87 सेंटीमीटर मानी जाती है। मौसम विभाग ने बताया कि जून में मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड में सामान्य से भी कम बारिश होगी। वहीं महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में सामान्य बारिश का अनुमान है।
देश के कोर जोन में कम बारिश से खेती पर सीधा असर
मौसम विभाग ने बताया कि इस साल मानसून के कोर जोन में कम बारिश होगी। इस इलाके में खेती सबसे ज्यादा मानसूनी बारिश पर निर्भर करती है। यानी बारिश का सीधा असर फसलों और खाद्य उत्पादन पर पड़ता है। मानसून कोर जोन में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र का विदर्भ, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, कुछ हिस्से उत्तर प्रदेश और बिहार के इलाके आते हैं। यहां खेती पर असर पडऩे से किसानों को सीधा नुकसान होगा।
कई राज्यों में बढ़ेगी हीटवेव
आईएमडी ने चेतावनी दी है कि जून के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश में सामान्य से ज्यादा लू वाले दिन देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी हीटवेव का प्रभाव बढऩे की संभावना है। हालांकि राजस्थान और झारखंड में सामान्य से कम लू पडऩे का अनुमान जताया गया है।
अल नीनो बढ़ा सकता है संकट
मौसम विभाग के अनुसार प्रशांत महासागर में तटस्थ ईएनएसओ (एल नीनो-दक्षिणी दोलन) की स्थिति अब धीरे-धीरे एल नीनो की ओर बढ़ रही है। मौसम मॉडल संकेत दे रहे हैं कि मानसून सीजन के दौरान एल नीनो विकसित हो सकता है। आमतौर पर एल नीनो का असर भारत में मानसूनी बारिश को कमजोर करता है। इसके कारण वर्षा की मात्रा कम हो सकती है और तापमान में वृद्धि देखी जाती है। यही वजह है कि इस बार मौसम विभाग का पूर्वानुमान चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है। आईएमडी ने कहा है कि जुलाई महीने की बारिश को लेकर अगला विस्तृत पूर्वानुमान जून के अंतिम सप्ताह में जारी किया जाएगा।

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