Samiksha and Shael Oswal lies behind Max Min and Meowzaki

‘मैक्स, मिन एंड म्याऊज़ाकी’ के पीछे छिपी है समिक्षा और शैल ओसवाल की असल ज़िंदगी की कहानी

‘मैक्स, मिन एंड म्याऊज़ाकी’ के पीछे छिपी है समिक्षा और शैल ओसवाल की असल ज़िंदगी की कहानी

Mumbai: जहां ‘मैक्स, मिन एंड म्याऊज़ाकी’ की सबसे बड़ी खासियत इसकी कहानी के केंद्र में एक बिल्ली का होना है, वहीं फिल्म की निर्माता समिक्षा ओसवाल ने खुलासा किया कि इसकी भावनात्मक कहानी उनकी और निर्माता शैल ओसवाल की निजी जिंदगी से प्रेरित है।
समिक्षा कहती हैं, “यह हमारी अपनी कहानी है। मुझे जानवरों से एलर्जी थी। मुझे वे पसंद तो थे, लेकिन उनके संपर्क में आते ही मुझे रैशेज़ हो जाते थे और कुत्तों के साथ रहने के लिए मुझे लंबे समय तक एलेग्रा दवा लेनी पड़ती थी। दूसरी तरफ, शैल बहुत बड़े एनिमल लवर हैं। उनके फार्महाउस पर सौ से ज्यादा आवारा कुत्ते हैं। उनके पालतू कुत्ते उनसे इतने जुड़े हुए थे कि उनके साथ ही सो जाते थे। वे शैल को लेकर इतने पज़ेसिव थे कि उन्हें मेरा पास आना भी पसंद नहीं था। उन्हें अपना बनाने के लिए मुझे भावनात्मक रूप से काफी संघर्ष करना पड़ा। वह आगे कहती हैं, “धीरे-धीरे मैंने उन्हें अपने बच्चों की तरह अपनाना शुरू कर दिया। जब शैल ने एक बिल्ली को मुख्य किरदार बनाकर फिल्म बनाने की बात की, तब मुझे एहसास हुआ कि रिश्तों में हम अपने पार्टनर के लिए जो छोटे-छोटे समझौते करते हैं, उन पर अक्सर किसी का ध्यान नहीं जाता। यही भावना इस फिल्म की प्रेरणा बनी। यह सिर्फ हमारी नहीं, बल्कि ऐसे कई लोगों की कहानी है, लेकिन अफसोस यह है कि ऐसी कहानियां बहुत कम सुनाई जाती हैं। हमारे निर्देशक के लिए भी यह कहानी बेहद खास थी। जब उन्होंने हमें यह कहानी सुनाई, तो हमें यह तुरंत अपनी जिंदगी से जुड़ी हुई लगी।”
फिल्म के विषय पर समिक्षा कहती हैं, “एक बिल्ली को मुख्य किरदार बनाकर फिल्म बनाने का विचार हमें बेहद नया और रोमांचक लगा। लेकिन इससे भी बढ़कर यह फिल्म प्यार, बिछड़ने, रिश्तों के जख्म भरने और परिवार के मजबूत रिश्तों की कहानी है। आज लोग एक-दूसरे में कमियां ढूंढ़ने और तुरंत खुशी पाने की दौड़ में इतने व्यस्त हैं कि अपने रिश्तों की अहमियत भूल जाते हैं। यह फिल्म ठहरकर रिश्तों को महसूस करने, उन्हें संजोने और उनसे जुड़ने की बात करती है।”
शूटिंग के सबसे बड़े चैलेंज को याद करते हुए समिक्षा बताती हैं, “आज तक किसी ने बिल्ली को मुख्य किरदार बनाकर फिल्म नहीं बनाई थी। वह बार-बार लाइट्स के बीच दौड़ जाती थी और ज्यादातर समय सोती रहती थी। ऐसे में पूरी टीम को धैर्य के साथ उसका इंतजार करना पड़ता था। इसलिए शूटिंग सामान्य फिल्मों की तुलना में ज्यादा समय तक चली, लेकिन आखिरकार फिल्म बिल्कुल वैसी ही बनी जैसी हमने कल्पना की थी।”
फिल्म में मेधा शंकर, सिद्धार्थ मेनन, आदिल हुसैन, मंदिरा बेदी, नासर, नफीसा अली और विधात्री बांदी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। ‘मैक्स, मिन एंड म्याऊज़ाकी’ प्यार, बिछड़ने, रिश्तों के जख्म भरने और दूसरी शुरुआत की एक भावुक मल्टी-जनरेशन कहानी है। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराही गई फिल्म का प्रीमियर बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ था। इसके बाद इसे पाम स्प्रिंग्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के ‘बेस्ट ऑफ फेस्ट’ सेक्शन में चुना गया। फिल्म को सोनोमा, सैन फ्रांसिस्को और ओसाका में ऑडियंस ऑनर्स मिले, जबकि स्टटगार्ट, सिनसिनाटी, बर्लिन के इंडो-जर्मन फिल्म वीक और कनाडा के रिफा फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट फीचर फिल्म का पुरस्कार भी मिला।
‘मैक्स, मिन एंड म्याऊज़ाकी’ को समिक्षा ओसवाल प्रस्तुत कर रही हैं। फिल्म का लेखन और निर्देशन पद्मकुमार नरसिम्हामूर्ति ने किया है, जबकि इसका निर्माण शैल ओसवाल और समिक्षा ओसवाल ने एसएसओ प्रोडक्शंस के बैनर तले किया है। यह फिल्म 24 जुलाई को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

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