Will Rahul Gandhi leave Wayanad to discuss Priyanka's name

Lok Sabha Results 2024: क्या राहुल गांधी वायनाड छोड़ेंगे? प्रियंका के नाम पर चर्चा

 

Lok Sabha Results 2024: जब सोनिया गांधी ने अमेठी के लिए छोड़ दी थी बेल्लारी, क्या राहुल गांधी वायनाड छोड़ेंगे? प्रियंका के नाम पर चर्चा
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को बंपर सीटें मिली हैं. बेशक एनडीए बहुमत है, लेकिन देश में कई राज्य ऐसे हैं जहां इंडिया गठबंधन ने कांटे की टक्कर दी है. खासतौर से यूपी में मिली कामयाबी ने इंडिया गठबंधन उत्साहित है. इस बंपर जीत के साथ अब जो सबसे बड़ा सवाल है वह यही है कि क्या अब राहुल गांधी रायबरेली की सीट छोड़ पाएंगे? मंगलवार को इसे लेकर गांधी परिवार में लंबी चर्चा हुई. राहुल गांधी ने रायबरेली और वायनाड से बंपर जीत दर्ज की है. हालांकि उन्हें दो में से कोई एक सीट छोड़नी होगी, ये सीट कौन सी होगी ये सबसे बड़ा सवाल है. इसे लेकर जब मंगलवार को राहुल गांधी से सवाल पूछा गया था तो उन्होंने यही कहा था कि इस पर कुछ सोचा नहीं है. बैठकर बातचीत करेंगे, उसके बाद ही इस पर कोई फैसला लेंगे. बेशक राहुल गांधी ने इस सवाल का कोइ जवाब नहीं दिया, लेकिन यह सवाल इतना बड़ा है कि मंगलवार शाम को ही गांधी परिवार में इस पर चर्चा की गई.
तो कौन सी सीट छोड़ेंगे राहुल
रायबरेली और वायनाड में जीत के बाद राहुल गांधी कश्मकश में है. दरअसल पहले ये माना जा रहा था कि जहां से राहुल गांधी की जीत बड़ी होगी वह सीट राहुल गांधी नहीं छोड़ेंगे. कांग्रेस ऐसा पहले भी करती रही है, जब 1999 में सोनिया गांधी अमेठी और बेल्लारी से चुनाव लड़ीं थीं, तो दोनों जगह जीतने के बाद उन्होंने यही फार्मूला अपनाया था. ज्यादा वोटों से जीतने की वजह से उन्हें अमेठी को चुना था.
विरासत के नाम पर चुनी थी रायबरेली की सीट
राहुल गांधी ने विरासत के नाम पर अमेठी छोड़ रायबरेली की सीट चुनी थी. रायबरेली से राहुल गांधी को वायनाड से ज्यादा मतों से जीत दिला दी. अब माना जा रहा है कि राहुल गांधी परिवार की 100 साल विरासत के लिहाज से और ज्यादा वोटों से जीतने की वजह से रायबरेली को चुनेंगे.
उत्तर भारत पर नजर
परिवार की विरासत के अलावा दूसरी वजह ये है कि इंडिया गठबंधन को मजबूती दिलाने में सबसे बड़ा योगदान यूपी ने दिया है. रायबरेली उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण और गांधी परिवार की मजबूत सीट मानी जाती है. जीत भी बंपर मिली है, ऐसे में राहुल गांधी के लिए अब इस सीट को छोड़ना बेहद मुश्किल हो चला है.

×
Date : 05 June 2024 Posted By : EDITOR
Lok Sabha Results 2024: क्या राहुल गांधी वायनाड छोड़ेंगे? प्रियंका के नाम पर चर्चा
News Image

 

Lok Sabha Results 2024: जब सोनिया गांधी ने अमेठी के लिए छोड़ दी थी बेल्लारी, क्या राहुल गांधी वायनाड छोड़ेंगे? प्रियंका के नाम पर चर्चा
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को बंपर सीटें मिली हैं. बेशक एनडीए बहुमत है, लेकिन देश में कई राज्य ऐसे हैं जहां इंडिया गठबंधन ने कांटे की टक्कर दी है. खासतौर से यूपी में मिली कामयाबी ने इंडिया गठबंधन उत्साहित है. इस बंपर जीत के साथ अब जो सबसे बड़ा सवाल है वह यही है कि क्या अब राहुल गांधी रायबरेली की सीट छोड़ पाएंगे? मंगलवार को इसे लेकर गांधी परिवार में लंबी चर्चा हुई. राहुल गांधी ने रायबरेली और वायनाड से बंपर जीत दर्ज की है. हालांकि उन्हें दो में से कोई एक सीट छोड़नी होगी, ये सीट कौन सी होगी ये सबसे बड़ा सवाल है. इसे लेकर जब मंगलवार को राहुल गांधी से सवाल पूछा गया था तो उन्होंने यही कहा था कि इस पर कुछ सोचा नहीं है. बैठकर बातचीत करेंगे, उसके बाद ही इस पर कोई फैसला लेंगे. बेशक राहुल गांधी ने इस सवाल का कोइ जवाब नहीं दिया, लेकिन यह सवाल इतना बड़ा है कि मंगलवार शाम को ही गांधी परिवार में इस पर चर्चा की गई.
तो कौन सी सीट छोड़ेंगे राहुल
रायबरेली और वायनाड में जीत के बाद राहुल गांधी कश्मकश में है. दरअसल पहले ये माना जा रहा था कि जहां से राहुल गांधी की जीत बड़ी होगी वह सीट राहुल गांधी नहीं छोड़ेंगे. कांग्रेस ऐसा पहले भी करती रही है, जब 1999 में सोनिया गांधी अमेठी और बेल्लारी से चुनाव लड़ीं थीं, तो दोनों जगह जीतने के बाद उन्होंने यही फार्मूला अपनाया था. ज्यादा वोटों से जीतने की वजह से उन्हें अमेठी को चुना था.
विरासत के नाम पर चुनी थी रायबरेली की सीट
राहुल गांधी ने विरासत के नाम पर अमेठी छोड़ रायबरेली की सीट चुनी थी. रायबरेली से राहुल गांधी को वायनाड से ज्यादा मतों से जीत दिला दी. अब माना जा रहा है कि राहुल गांधी परिवार की 100 साल विरासत के लिहाज से और ज्यादा वोटों से जीतने की वजह से रायबरेली को चुनेंगे.
उत्तर भारत पर नजर
परिवार की विरासत के अलावा दूसरी वजह ये है कि इंडिया गठबंधन को मजबूती दिलाने में सबसे बड़ा योगदान यूपी ने दिया है. रायबरेली उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण और गांधी परिवार की मजबूत सीट मानी जाती है. जीत भी बंपर मिली है, ऐसे में राहुल गांधी के लिए अब इस सीट को छोड़ना बेहद मुश्किल हो चला है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Releated

Madhya Pradesh : लोकतंत्र जनादेश से चलेगा, अराजकता के दबाव से नहीं – डॉ. मोहन यादव

📰 Generate e-Paper Clip Madhya Pradesh : लोकतंत्र जनादेश से चलेगा, अराजकता के दबाव से नहीं – डॉ. मोहन यादव Bhopal: लोकतंत्र में सत्ता की चाबी जनता के हाथ में होती है। मतदान केंद्र पर खड़ा सामान्य नागरिक अपने एक मत से सरकार बनाता है, उसके काम का मूल्यांकन करता है और भविष्य की दिशा […]

यमन में हूती विद्रोहियों के मिसाइल हमलों से बढ़ा तनाव, अदन एयरपोर्ट और राष्ट्रपति महल निशाने पर!

📰 Generate e-Paper Clip यमन में हूती विद्रोहियों के मिसाइल हमलों से बढ़ा तनाव, अदन एयरपोर्ट और राष्ट्रपति महल निशाने पर! अदन, यमन। यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित सरकार के बीच संघर्ष एक बार फिर सुर्खियों में है। यमन सरकार के अनुसार, हूती लड़ाकों ने शुक्रवार को अदन स्थित राष्ट्रपति महल और […]