सीओपी-28 में पीएम मोदी बोले, भारत ने 11 साल पहले लक्ष्य हासिल कर लिया था
दुबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि जलवायु कार्रवाई समानता पर आधारित होनी चाहिए। भारत ने 11 साल पहले उत्सर्जन तीव्रता से संबंधित लक्ष्य हासिल कर लिया था। दुबई में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (सीओपी28) के एक उच्च स्तरीय खंड के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, ”भारत का लक्ष्य 2030 तक अपने सकल घरेलू उत्पाद की उत्सर्जन तीव्रता को 45 प्रतिशत तक कम करना है। हमने गैर-जीवाश्म ईंधन की हिस्सेदारी को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का फैसला लिया है। आज भारत ने दुनिया के सामने पारिस्थितिकी और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। विश्व की 17 प्रतिशत आबादी भारत में रहने के बावजूद, वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में इसका योगदान 4 प्रतिशत से भी कम है। भारत उन कुछ अर्थव्यवस्थाओं में से एक है जो राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) लक्ष्यों को पूरा करने की राह पर है।”
पीएम मोदी ने कहा, ”भारत जलवायु परिवर्तन प्रक्रिया के लिए संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क के लिए प्रतिबद्ध है और इसीलिए, इस चरण से मैं 2028 में भारत में सीओपी-33 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने का प्रस्ताव करता हूं।”
पीएम नरेंद्र मोदी ने सीओपी-28 शिखर सम्मेलन में अन्य विश्व नेताओं के साथ समूह फोटो सत्र में भी हिस्सा लिया। पीएम मोदी ने हिंदी में अपने संबोधन में जलवायु न्याय, जलवायु वित्त और हरित ऋण जैसे मुद्दों पर उनके द्वारा उठाए गए निरंतर समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।
