The face of government fair price shops is changing in Indore

MP: इंदौर में शासकीय उचित मूल्य दुकानों की बदल रही है सूरत और सीरत

उपभोक्ताओं के हित में शासन-प्रशासन का नवाचार

इंदौर में शासकीय उचित मूल्य दुकानों की बदल रही है सूरत और सीरत

शासकीय उचित मूल्य दुकानों से राशन के साथ ही मिलेंगे गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद और अन्य पोषण सामग्रियाँ

पायलेट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश में पहली बार इंदौर में हो रही है यह व्यवस्था

इंदौर : इंदौर जिले में उपभोक्ताओं के हित में और उचित मूल्य दुकानों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए शासन-प्रशासन द्वारा नवाचार किया जा रहा है। कलेक्टर श्री आशीष सिंह के निर्देशन में जिले में शासकीय उचित मूल्य दुकानों की सूरत और सीरत बदलने लगी है। अब शासकीय उचित मूल्य दुकानों से उपभोक्ताओं को राशन के साथ ही गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद और अन्य पोषण सामग्रियाँ भी उचित मूल्य पर देने की व्यवस्था शुरू की जा रही हैं। इन दुकानों से जैविक उत्पाद भी उपलब्ध कराये जाने की योजना है। साथ ही होम डिलेवरी के माध्यम से भी उक्त सामग्री पहुँचाने की व्यवस्था भी बनाई जा रही है। पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश में पहली बार यह व्यवस्था इंदौर से प्रारंभ हो रही है।
खाद्य नागरिक एवं आपूर्ति विभाग के जिला आपूर्ति नियंत्रक श्री एम.एल. मारू ने बताया कि पायलेट प्रोजेक्ट के अंतर्गत जिले में 30 चिह्नित मूल्य दुकानों पर “जन पोषण केंद्र” की स्थापना की जा रही है। जिसकी तैयारी अंतिम चरण में है। जन पोषण योजना का मुख्य उद्देश्य उचित मूल्य दुकान पर आम हितग्राहियों और उपभोक्ताओं को राशन के साथ-साथ पोषण से संबंधी आवश्यक जरूरी सामग्री आसानी से उपलब्ध हो सकें। जिसमें मुख्य रूप से मोटा अनाज जैसे- ज्वार, बाजरा, मक्का, दालें, रागी, राजमा, चना, दूध, पनीर आदि शामिल है। सभी को उचित मूल्य के साथ-साथ पौष्टिक एवं गुणवत्ता युक्त पोषण सामग्री सुलभता से प्राप्त हो।


जिला आपूर्ति नियंत्रक श्री मारू के मुताबिक सरकारी राशन की दुकानों को पोषण केंद्रों में बदलने की यह एक अभिनव पहल है। इसका मकसद, लोगों को पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थ मुहैया कराना है। उपभोक्ता भंडार के विक्रेता द्वारा पोषण संबंधी विशेष तौर पर उचित दर एवं क्वालिटी के साथ दी जाने का प्रयास किया जाता है। उचित मूल्य की सभी दुकानों से गुणवत्तायुक्त दूध, दही, पनीर आदि उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए विशेष फ्रीजर का इस्तेमाल किया जायेगा। जन पोषण केंद्र के माध्यम से उपभोक्ताओं को मोटा अनाज, दालें इत्यादि सामग्री होम डिलीवरी से भी देने की तैयारी अंतिम चरण में है। उचित मूल्य की दुकानों पर जन पोषण केन्द्र शुरू हो जाने के बाद उपभोक्ताओं को तो लाभ होगा ही, इसके साथ ही राशन डीलरों की आय में भी वृद्धि होगी और लोगों को पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थ मिलेंगे।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं सार्वजनिक वितरण विभाग भारत सरकार द्वारा पायलट प्रोजेक्ट अंतर्गत मध्यप्रदेश में इंदौर जिले की 30 उचित मूल्य दुकानों का चयन किया गया है। उल्लेखनीय है कि उचित मूल्य दुकानों के डीलर्स को पांच दिवसीय प्रशिक्षण विगत 13 से 17 जनवरी को राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान नंदा नगर सुखलिया में प्रदान किया जा चुका है। प्रशिक्षण पश्चात सभी विक्रेताओं का ऑनलाइन टेस्ट लिया गया, जिसके पश्चात विक्रेताओं को सर्टिफिकेट वितरित किये गए। पीडीएस की सामग्री के अलावा अन्य सामग्री विक्रय, पोषण संबंधी वस्तुएं प्राथमिकता से विक्रय करने, उचित मूल्य दुकानों को बहुउद्देशीय बनाने, भंडार संचालक को अतिरिक्त सामग्री बिक्री से आमदनी कैसे बढ़े और आम उपभोक्ताओं को पोषण संबंधी वस्तुएँ सुलभ प्राप्त हो।
जन पोषण केंद्रों से जुड़ी खास बातें
जन पोषण केंद्रों में पोषण से जुड़े उत्पादों का भंडारण होगा। इन केंद्रों में राशन डीलरों को आय का एक और ज़रिया मिल सकेगा। इन केंद्रों में राशन डीलरों को आसान लोन की सुविधा भी मिलेगी। केंद्रों में उद्यमिता विकास के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इन केंद्रों में डिजिटल टूल्स और सहायता प्रणालियों का इस्तेमाल किया जाएगा।

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