BMC swings into action Mumbai High Court monitorinvia CCTV

मुंबई हाईकोर्ट के निर्देश पर एक्शन में बीएमसी, कचरा फेंकने वालों पर सीसीटीवी से निगरानी

मुंबई हाईकोर्ट के निर्देश पर एक्शन में बीएमसी, कचरा फेंकने वालों पर सीसीटीवी से निगरानी

मुंबई: मुंबई हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद बीएमसी एक्शन मोड़ में आ गई है। बीएमसी ने ने शहर में सभी कचरा का ढेर वाले संवेदनशील स्थानों पर स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। खुले में कचरा फेंकने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मनपा आयुक्त अश्विनी भिडे ने शनिवार को बीएमसी मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में सभी सहायक आयुक्तों और ठोस कचरा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने वार्डों में नियमित निरीक्षण कर स्वच्छता बनाए रखें और कचरा जमा होने वाले स्थानों का स्थायी समाधान सुनिश्चित करें। बीएमसी ने बताया कि बाजारों, प्रमुख सड़कों, फुटपाथों, सार्वजनिक स्थलों, समुद्र तटों, नालों तथा अन्य जल स्रोतों के आसपास विशेषg सफाई अभियान चलाया जाएगा। शहर में बार-बार कचरा जमा होने वाले सभी स्थानों को गूगल मैप पर चिह्नित कर उनकी निगरानी की जाएगी। इन स्थानों पर कचरे के स्रोत की पहचान, सफाई व्यवस्था का मूल्यांकन, जन जागरूकता अभियान, सीसीटीवी निगरानी और बार-बार नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाने जैसी कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त ने सभी वार्ड अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्कूलों, अस्पतालों, रेलवे और मेट्रो स्टेशनों, बस अड्डों तथा बाजारों के आसपास फुटपाथों से हर प्रकार का अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए। अवैध फेरीवालों, अनधिकृत रैंप और अन्य बाधाओं को हटाकर फुटपाथों को पैदल यात्रियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाया जाए। उन्होंने कहा कि मुंबई के लगभग 50 प्रतिशत नागरिक रोजाना पैदल यात्रा करते हैं, इसलिए फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त रखना अत्यंत आवश्यक है। बैठक में प्रमुख सड़कों पर यातायात जाम के कारण बनने वाले ‘बॉटलनेक’ हटाने, अवैध निर्माणों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने तथा किसी भी परिस्थिति में उन्हें नियमित नहीं करने के निर्देश भी दिए गए। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि केवल संपत्ति कर का भुगतान, बिजली कनेक्शन या पुराना कब्जा किसी भी अवैध निर्माण को वैध नहीं बनाता।आयुक्त अश्विनी भिडे ने बताया कि कांजुरमार्ग कचरा प्रसंस्करण परियोजना में दुर्गंध नियंत्रण के लिए किए गए सुधारों की मुंबई उच्च न्यायालय ने सराहना की है। उन्होंने अधिकारियों से स्वच्छता अभियान को और प्रभावी बनाने, नालों एवं समुद्र में प्लास्टिक और ठोस कचरा जाने से रोकने तथा सभी संवेदनशील स्थानों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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Date : 03 August 2026 Posted By : EDITOR
मुंबई हाईकोर्ट के निर्देश पर एक्शन में बीएमसी, कचरा फेंकने वालों पर सीसीटीवी से निगरानी
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मुंबई हाईकोर्ट के निर्देश पर एक्शन में बीएमसी, कचरा फेंकने वालों पर सीसीटीवी से निगरानी

मुंबई: मुंबई हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद बीएमसी एक्शन मोड़ में आ गई है। बीएमसी ने ने शहर में सभी कचरा का ढेर वाले संवेदनशील स्थानों पर स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। खुले में कचरा फेंकने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मनपा आयुक्त अश्विनी भिडे ने शनिवार को बीएमसी मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में सभी सहायक आयुक्तों और ठोस कचरा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने वार्डों में नियमित निरीक्षण कर स्वच्छता बनाए रखें और कचरा जमा होने वाले स्थानों का स्थायी समाधान सुनिश्चित करें। बीएमसी ने बताया कि बाजारों, प्रमुख सड़कों, फुटपाथों, सार्वजनिक स्थलों, समुद्र तटों, नालों तथा अन्य जल स्रोतों के आसपास विशेषg सफाई अभियान चलाया जाएगा। शहर में बार-बार कचरा जमा होने वाले सभी स्थानों को गूगल मैप पर चिह्नित कर उनकी निगरानी की जाएगी। इन स्थानों पर कचरे के स्रोत की पहचान, सफाई व्यवस्था का मूल्यांकन, जन जागरूकता अभियान, सीसीटीवी निगरानी और बार-बार नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाने जैसी कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त ने सभी वार्ड अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्कूलों, अस्पतालों, रेलवे और मेट्रो स्टेशनों, बस अड्डों तथा बाजारों के आसपास फुटपाथों से हर प्रकार का अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए। अवैध फेरीवालों, अनधिकृत रैंप और अन्य बाधाओं को हटाकर फुटपाथों को पैदल यात्रियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाया जाए। उन्होंने कहा कि मुंबई के लगभग 50 प्रतिशत नागरिक रोजाना पैदल यात्रा करते हैं, इसलिए फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त रखना अत्यंत आवश्यक है। बैठक में प्रमुख सड़कों पर यातायात जाम के कारण बनने वाले 'बॉटलनेक' हटाने, अवैध निर्माणों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने तथा किसी भी परिस्थिति में उन्हें नियमित नहीं करने के निर्देश भी दिए गए। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि केवल संपत्ति कर का भुगतान, बिजली कनेक्शन या पुराना कब्जा किसी भी अवैध निर्माण को वैध नहीं बनाता।आयुक्त अश्विनी भिडे ने बताया कि कांजुरमार्ग कचरा प्रसंस्करण परियोजना में दुर्गंध नियंत्रण के लिए किए गए सुधारों की मुंबई उच्च न्यायालय ने सराहना की है। उन्होंने अधिकारियों से स्वच्छता अभियान को और प्रभावी बनाने, नालों एवं समुद्र में प्लास्टिक और ठोस कचरा जाने से रोकने तथा सभी संवेदनशील स्थानों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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