chaitra-navratri holy chaitra navratri

chaitra-navratri : पवित्र चैत्र नवरात्रि

 

UNN – नवरात्रि का पहला दिन यानी प्रतिपदा तिथि मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप माता शैलपुत्री को समर्पित माना जाता है। इस दिन जौ (जवार)बोने तथा कलश स्थापना पूजन के साथ ही देवी का पूजन किया जाना शुभ माना जाता है। यह भी शास्त्रों में लिखा गया है कि प्रथम दिवस में माता की पूजा करते समय आराधक यदि लाल, गुलाबी, नारंगी और रानी रंग के कपड़े पहन कर पूजा करने से माता का संपूर्ण आशीर्वाद प्राप्त होता है। द्वितीय दिवस यानी नवरात्रि के दूसरे दिन अत्यंत दिव्य देवी ब्रह्मचारिणी की उपासना का विधान है सिद्धि के लिए इस दिन मां की उपासना करते समय सफेद, पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है एवं इस पवित्र दिन में आराधना करने से मनवांछित इच्छाओं की प्राप्ति होती है। तृतीय दिवस में बाघ पर सवार स्वर्ण के समान रंग एवं छटा वाली मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। इस दिन पीला, लाल, दूधिया या केसरिया रंग कपड़े पहनना शुभ माने जाते हैं एवं इन रंगों के कपड़े पहनकर देवी की आराधना करने से उनका आशीर्वाद एवं कृपा की प्राप्ति होती है। नवरात्रि में चतुर्थ दिवस में इस भव संसार के ब्रह्मांड की रचना करने वाली दुर्गा मां के चौथे रूप के रूप में देवी कुष्मांडा की आराधना एवं भक्ति की जाति है। इस दिन इस प्रकृति की देवी के स्वरूप की मन से आराधना करना शुभ फल देने वाला है एवं देवी प्रकृति की देवी हैं इनकी उपासना इस दिवस में पीला, हरा, लाल और भूरे रंग का वस्त्र पहनकर करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है एवं देवी प्रसन्न होती हैं। नवरात्रि के पावन पर्व पर पंचम दिवस पर पंचमी तिथि को भगवान कार्तिकेय की माता देवी स्कंदमाता की आराधना एवं श्रद्धा के साथ पूजा की जाती है।
नवरात्रि के इस पावन पर्व पर छठवें दिन ऋषि कात्यायन की पुत्री कात्यायनी मां की पूजा अर्चना का शास्त्रों में पूजा का विधान माना जाता है। माता कात्यायनी अमोघ फलदाईनी होती हैं भक्तों द्वारा इस दिन लाल, नारंगी, गुलाबी, गेरुआ, मूंगा रंग के कपड़े पहनकर माता रानी की पूजा करने से ऐश्वर्या के साथ वैवाहिक जीवन में शांति सुख समृद्धि प्राप्त होती है।
दुर्गा पूजा के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा तथा अर्चना का विधान है, नवरात्रि की पूजा में तंत्र साधना करने वाले लोग इस दिन काले रंग का वस्त्र धारण करके इनकी पूजा अर्चना करते हैं साधकों को इस दिन बैगनी, स्लेटी, नीला एवं आसमानी रंग का वस्त्र धारण कर मां के इस दिव्य रूप की पूजा अर्चना करनी चाहिए जिससे संपूर्ण ग्रह बाधाएं दूर होती हैं।
नवरात्रि के आठवें दिन सर्व सौभाग्य दाइनी देवी महागौरी की उपासना का दिन माना जाता है। यह अत्यंत पवित्र दिन होता है और यह देवी धन, वैभव, सुख, शांति की शक्तिशाली देवी मानी जाती हैं। इनकी पूजा के दौरान साधकों को रातों को केसरिया संतरी गुलाबी या लाल रंग के वस्त्र धारण करके पूजा करनी चाहिए जिससे सुख एवं सौभाग्य की अखंड प्राप्ति होती है।
शिवरात्रि मैं माताओं के नौ रूपों में दुर्गा पूजा के नौवें तथा आखरी दिन संपूर्ण विधि विधान, रीति रिवाज और पूर्ण निष्ठा के साथ देवी की आराधना करने वाले साधकों को संपूर्ण सिद्धियां प्राप्त होती हैं और इनकी उपासना के समय हरा धागों को लाल गुलाबी नारंगी रंग के वस्त्र पहनने से समाज में पद प्रतिष्ठा वैभव एवं धन की प्राप्ति होती है।
नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों का पूजन अर्चना एवं निष्ठा से की गई आराधना से इस जगत का कल्याण भी होता है साथ ही इस पवित्र 9 दिनों में असंख्य दीप जलाकर माता को प्रसन्न करने का प्रयास किया जाता है। नवरात्रि में उपवास रखने तथा विधि विधान से अर्चना करने से मनुष्य का जीवन तथा परलोक सफल होना शास्त्रों के अनुसार तय माना जाता है। आप सभी को चैत्र नवरात्रि कथा हिंदू नव वर्ष की अनंत शुभकामनाएं एवं बधाइयां।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Releated

Advertising environment was toxic, spirituality is calming: Psychic and healer Sharmila Cirvante

Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱Advertising environment was toxic, spirituality is calming: Psychic and healer Sharmila Cirvante Mumbai: Sharmila Cirvante left her successful career in advertising to pursue her calling. She pivoted to the spiritual world with her natural psychic abilities and is now a certified spiritual healer, automatic writer, and spirit guide communicator. Though […]