ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय डायबिटीज़ और टेक्नोलॉजी पर कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया

 

UNN@ एक ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय डायबिटीज़ और टेक्नोलॉजी पर कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कार्यक्रम के आर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ भरत साबू ने बताया कि भविष्य तकनीक का है और कोई ने हमें यह सीखा दिया है यदि तकनीक हमारे साथ है और हम उसका सही उपयोग कर रहे हैं तो हम कम समय में काफी सारे मरीजों को उचित सलाह और सही मार्गदर्शन दे सकते हैं जो कि इस कोरोना के समय में बहुत उपयोगी है साथ ही साथ इस तरह की तकनीकी क्रांति से मरीज का इलाज का खर्च भी कम हो जाएगा और इलाज की गुणवत्ता बहुत सुधर जाएगी, कोविंड के बाद ज्यादातर इलाज टेक्नोलॉजी के माध्यम से हो रहा है और डायबिटीज़ में नवीन टेक्नोलॉजी आ रही है एक नया कलेवर लेते हुए यह एक कॉन्फ्रेंस कल वेब के द्वारा आयोजित की गई जिसमें देश विदेश के ख्यातनाम डाइबिटीज विशेषज्ञों ने भाग लिया रिसर्च सोसाइटी ऑफ स्टडी ऑफ डायबिटीज़ इन इंडिया के अध्यक्ष डॉक्टर बंसी साबू ने टाइप वन डायबिटीज़ में आने वाले टेक्नोलॉजी के नए साधनों के बारे में बताया पद्मश्री डॉ वी मोहन ने यह बताया कि एक ऐसा यंत्र जो लगातार 24 घंटे हमारी ब्लड शुगर नापता रहता है वह कोरोना के और कोरोना के बाद से खतरों से और दुष्परिणामों से हमारे बचाने में बहुत मदद कर सकता है पुणे के डॉक्टर उन्नीकृष्णनन ने यह बताया किस तरह डायबिटीज़ का इलाज आने वाले समय रोबोट और चैटबोट के द्वारा होने लगेगा उन्होंने यह भी बताया रोबोट और चैटबॉट इलाज के भावनात्मक एवं मानवीय पहलू की जगह नहीं ले पाएंगे डॉ आशीष शर्मा ने यह बताया कि जल्द ही एक ऐसा चश्मा इजाद होगा जिसकों पहनते ही मरीज को यह पता चल जाएगा कि उसकी आंखें डायबिटीज़ के कारण खराब तो नहीं हो रही, लंदन से जुड़ें डॉक्टर पुनीत कैंपेगौड़ा ने ये बताया कि कोरोना के कारण डॉक्टरों की पढ़ाई का जो तरीका था वह भी अब बदल गया है आप लंदन में डॉक्टरों को मैसेजिंग के जरिए अपने कार्य में दक्ष किया जा रहा है जिसका बहुत अच्छा लाभ मिल रहा है इस डायबिटीज़ टेक्नोलॉजी में कानपुर से आए डॉ सौरभ मिश्रा ने यह बताया कि बिना ट्यूब वाला इंसुलिन पंप भी बहुत जल्द भारत में लॉन्च होने वाला है जो हमारे बच्चों जीने की टाइप वन डायबिटीज़ है उनके लिए बहुत लाभदायक हे इसके साथ ही डॉक्टर संजय कालरा ने यह बताया कि डायबीटीज से बचने के लिए और इसके दुष्परिणामों को कम करने के लिए हमें अपने खानपान में विशेष परिवर्तन लाने होंगे यदि हम यह विशेष परिवर्तन सही समय पर लेकर आएँगे तो हम कोरोना जैसी आगे आने वाली कई बीमारियों से बच पाएंगे इस तकनीकी कॉन्फ्रेंस को देश विदेश से डॉक्टरों ने अटेंड किया और इसकी सराहना की इस तरह की कॉन्फ्रेंस आगे आने वाले समय में चिकित्सा की गुणवत्ता को सुधारने में बहुत मदद करेगी साथ ही साथ इस तरह की तकनीकी कॉन्फ्रेंस डायबिटीज़ जैसी बीमारी के बारे में चिकित्सकों और जागरूक बनाएगी धन्यवाद.

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