Iran-Israel War: After the LPG Crisis, the Impact Now Shifts to

ईरान-इजराइल युद्ध एलपीजी संकट के बाद अब पेट्रोल पंपों की ओर बढ़ा

ईरान-इजराइल युद्ध एलपीजी संकट के बाद अब पेट्रोल पंपों की ओर बढ़ा

तेल कंपनियों ने किया नया नियम लागू, आम जनता पर भी पड़ेगा असर!

नई दिल्‍ली । ईरान और इजराइल के युद्ध एलपीजी सप्‍लाई पर संकट के बाद अब धीरे-धीरे पेट्रोल पंपों की ओर भी बढ़ रहा है। देश की सभी सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंप मालिकों के लिए नया नियम लागू कर दिया है। इसकी आंच जल्‍द ही आम आदमी तक भी पहुंच सकती है। देश की सभी तेल कंपनियों ने कहा है कि पेट्रोल पंप को प्री-पेमेंट पर ही तेल दिया जाएगा और मौजूदा संकट को देखते हुए उनके क्रेडिट पर तेल देने की व्‍यवस्‍था बंद की जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी तेल कंपनियों ने खुदरा पेट्रोल पंप को उनके क्रेडिट पर ईंधन की सप्‍लाई बंद कर दी है और भुगतान को लेकर सख्‍त नियम लागू किए हैं। मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्‍य के बंद होने के बाद सप्‍लाई चेन में दिक्‍कतें आ रही हैं और इसे देखते हुए तेल कंपनियों ने यह फैसला किया है। हिंदुस्‍तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम ने पिछले सप्‍ताह से ही एडवांस पेमेंट सिस्‍टम लागू कर दिया था, जबकि इंडियन ऑयल ने बीते सोमवार से 5 दिन की क्रेडिट पॉलिसी को भी निलंबित कर दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक तेल कंपनियों ने अभी तक पेट्रोल पंप के लिए शॉर्ट टर्म क्र‍ेडिट पॉलिसी लागू की थी, जहां मालिकों को तेल पहले मिलता था और पैसा बाद में भुगतान करना पड़ता था। देश की तीनों सरकारी तेल कंपनियों के इस फैसले का असर करीब एक लाख से ज्‍यादा पेट्रोल पंप पर दिखेगा, जो आगे चलकर आम आदमी तक पहुंच सकता है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम एशिया तनाव की वजह से भारत के 40 फीसदी तेल सप्‍लाई रूट पर दिक्‍कतें पैदा हो गई हैं। इससे दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल खपत वाले देश के सामने संकट पैदा हो गया है।
एजेंसियों का अनुमान है कि अगले वित्‍तवर्ष में भारत में तेल की खपत करीब 26 करोड़ टन के आसपास पहुंच जाएगी। खुदरा पेट्रोल पंप के अलावा तेल कंपनियों ने एग्रीकल्‍चर सेक्‍टर के थोक खरीदारों, ट्रांसपोर्ट और उद्योगों को भी क्रेडिट पर तेल उपलब्‍ध कराना बंद कर दिया है। हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से इसका कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया गया है, लेकिन कई पेट्रोल पंप मालिकों ने इस तरह की व्‍यवस्‍था की पुष्टि की है।
भारतीय पेट्रोलियम डीलर्स संगठन के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष का कहना है कि सभी तीनों सरकारी तेल कंपनियों ने एडवांस्‍ड पेमेंट सिस्‍टम लागू कर दिया है और किसी भी पेट्रोल पंप को क्रेडिट पर तेल नहीं उपलब्‍ध कराया जा रहा है। अभी तक तीनों ही कंपनियां क्रेडिट लाइन देती थीं, जिससे कुछ दिनों की मोहलत मिल जाती थी। यह संगठन देश के 30 हजार से ज्‍यादा पेट्रोल पंप का प्रतिनिधित्‍व करता है।

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Date : 18 March 2026 Posted By : EDITOR
ईरान-इजराइल युद्ध एलपीजी संकट के बाद अब पेट्रोल पंपों की ओर बढ़ा
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ईरान-इजराइल युद्ध एलपीजी संकट के बाद अब पेट्रोल पंपों की ओर बढ़ा

तेल कंपनियों ने किया नया नियम लागू, आम जनता पर भी पड़ेगा असर!

नई दिल्‍ली । ईरान और इजराइल के युद्ध एलपीजी सप्‍लाई पर संकट के बाद अब धीरे-धीरे पेट्रोल पंपों की ओर भी बढ़ रहा है। देश की सभी सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंप मालिकों के लिए नया नियम लागू कर दिया है। इसकी आंच जल्‍द ही आम आदमी तक भी पहुंच सकती है। देश की सभी तेल कंपनियों ने कहा है कि पेट्रोल पंप को प्री-पेमेंट पर ही तेल दिया जाएगा और मौजूदा संकट को देखते हुए उनके क्रेडिट पर तेल देने की व्‍यवस्‍था बंद की जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी तेल कंपनियों ने खुदरा पेट्रोल पंप को उनके क्रेडिट पर ईंधन की सप्‍लाई बंद कर दी है और भुगतान को लेकर सख्‍त नियम लागू किए हैं। मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्‍य के बंद होने के बाद सप्‍लाई चेन में दिक्‍कतें आ रही हैं और इसे देखते हुए तेल कंपनियों ने यह फैसला किया है। हिंदुस्‍तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम ने पिछले सप्‍ताह से ही एडवांस पेमेंट सिस्‍टम लागू कर दिया था, जबकि इंडियन ऑयल ने बीते सोमवार से 5 दिन की क्रेडिट पॉलिसी को भी निलंबित कर दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक तेल कंपनियों ने अभी तक पेट्रोल पंप के लिए शॉर्ट टर्म क्र‍ेडिट पॉलिसी लागू की थी, जहां मालिकों को तेल पहले मिलता था और पैसा बाद में भुगतान करना पड़ता था। देश की तीनों सरकारी तेल कंपनियों के इस फैसले का असर करीब एक लाख से ज्‍यादा पेट्रोल पंप पर दिखेगा, जो आगे चलकर आम आदमी तक पहुंच सकता है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम एशिया तनाव की वजह से भारत के 40 फीसदी तेल सप्‍लाई रूट पर दिक्‍कतें पैदा हो गई हैं। इससे दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल खपत वाले देश के सामने संकट पैदा हो गया है।
एजेंसियों का अनुमान है कि अगले वित्‍तवर्ष में भारत में तेल की खपत करीब 26 करोड़ टन के आसपास पहुंच जाएगी। खुदरा पेट्रोल पंप के अलावा तेल कंपनियों ने एग्रीकल्‍चर सेक्‍टर के थोक खरीदारों, ट्रांसपोर्ट और उद्योगों को भी क्रेडिट पर तेल उपलब्‍ध कराना बंद कर दिया है। हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से इसका कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया गया है, लेकिन कई पेट्रोल पंप मालिकों ने इस तरह की व्‍यवस्‍था की पुष्टि की है।
भारतीय पेट्रोलियम डीलर्स संगठन के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष का कहना है कि सभी तीनों सरकारी तेल कंपनियों ने एडवांस्‍ड पेमेंट सिस्‍टम लागू कर दिया है और किसी भी पेट्रोल पंप को क्रेडिट पर तेल नहीं उपलब्‍ध कराया जा रहा है। अभी तक तीनों ही कंपनियां क्रेडिट लाइन देती थीं, जिससे कुछ दिनों की मोहलत मिल जाती थी। यह संगठन देश के 30 हजार से ज्‍यादा पेट्रोल पंप का प्रतिनिधित्‍व करता है।

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