Meeting between PM Modi and Xi Jinping

पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच हुई बैठक: सीमा शांति, सहयोग और व्यापार पर बनी सहमति!

पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच हुई बैठक: सीमा शांति, सहयोग और व्यापार पर बनी सहमति!

नई दिल्ली। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए चीन पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई है। इसमें दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार, सीमा पर शांति, एक दूसरे के प्रति विश्वास और सम्मान के अलावा संवेदनशील मुद्दों पर सहमति बनने की खबर है।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर हम अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने एससीओ की सफल अध्यक्षता के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को बधाई दी। उन्होंने अपने बयान के आखिरी में फिर से चीन यात्रा के निमंत्रण और बैठक के लिए धन्यवाद दिया। पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक चीन के तियानजिन शहर में हुई, जहां रविवार से दो दिवसीय शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन शुरू होगा। शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और शी जिनपिंग के अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल हो सकते हैं। अमेरिका की टैरिफ नीतियों के बीच तीन देशों के नेताओं की मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने चीन यात्रा के निमंत्रण और द्विपक्षीय बैठक के लिए चीनी राष्ट्रपति का धन्यवाद किया। इस बीच, उन्होंने कहा कि हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। पिछले साल कजान में हमारी बहुत ही सार्थक चर्चा हुई। हमारे संबंधों को सकारात्मक दिशा मिली। सीमा पर सैनिकों की वापसी के बाद शांति और स्थिरता का माहौल बना हुआ है।उन्होंने कहा, हमारे विशेष प्रतिनिधियों के बीच बॉर्डर मैनेजमेंट के संबंध में सहमति बनी है। कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हुई है। दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी फिर से शुरू की जा रही हैं। हमारे सहयोग से दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के हित जुड़े हैं। इससे पूरी मानवता के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
डायरेक्ट फ्लाइट, मानसरोवर यात्रा फिर शुरू
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, हमारे विशेष प्रतिनिधियों के बीच सीमा प्रबंधन को लेकर एक समझौता हुआ है। कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हो गई है। दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी दोबारा शुरू की जा रही हैं। हमारे सहयोग से दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के हित जुड़े हुए हैं। यह पूरी मानवता के कल्याण का भी मार्ग प्रशस्त करेगा। हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच दस महीने बाद यह पहली द्विपक्षीय बातचीत हुई। ये दोनों नेता पिछली बार 2024 में रूस के कज़ान में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मिले थे। माना जा रहा है कि पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस बैठक का खास फोकस भारत-चीन संबंधों को मजबूत करने और हाल ही में हुई प्रगति को आगे बढ़ाने पर रहेगा।
भारत-चीन के पास बड़ा मौका
इस बैठक का रास्ता हाल ही में उस समय साफ हुआ जब भारत और चीन ने 3,500 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गश्ती प्रोटोकॉल पर सहमति बनाई. इस समझौते ने चार साल से चल रहे सीमा विवाद को काफी हद तक कम कर दिया है। पीएम मोदी की ये यात्रा दोनों देशों के बीच तनाव कम कर सकती है। चीन और भारत के बीच द्विपक्षीय बातचीत को बढ़ावा देने का एक बड़ा मौका साबित हो सकता है। शी जिनपिंग इस समिट के जरिये दुनिया को ये दिखाने की कोशिश करेंगे कि वो अमेरिका के लीडरशिप वाले ग्लोबल ऑर्डर का एक विकल्प दे सकते हैं। इसके साथ ही एससीओ समिट से ये मैसेज भी जाएगा कि चीन, रूस, ईरान और अब भारत को अलग-थलग करने की अमेरिकी कोशिशें नाकाम रही है।

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Date : 01 September 2025 Posted By : EDITOR
पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच हुई बैठक: सीमा शांति, सहयोग और व्यापार पर बनी सहमति!
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पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच हुई बैठक: सीमा शांति, सहयोग और व्यापार पर बनी सहमति!

नई दिल्ली। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए चीन पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई है। इसमें दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार, सीमा पर शांति, एक दूसरे के प्रति विश्वास और सम्मान के अलावा संवेदनशील मुद्दों पर सहमति बनने की खबर है।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर हम अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने एससीओ की सफल अध्यक्षता के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को बधाई दी। उन्होंने अपने बयान के आखिरी में फिर से चीन यात्रा के निमंत्रण और बैठक के लिए धन्यवाद दिया। पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक चीन के तियानजिन शहर में हुई, जहां रविवार से दो दिवसीय शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन शुरू होगा। शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और शी जिनपिंग के अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल हो सकते हैं। अमेरिका की टैरिफ नीतियों के बीच तीन देशों के नेताओं की मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने चीन यात्रा के निमंत्रण और द्विपक्षीय बैठक के लिए चीनी राष्ट्रपति का धन्यवाद किया। इस बीच, उन्होंने कहा कि हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। पिछले साल कजान में हमारी बहुत ही सार्थक चर्चा हुई। हमारे संबंधों को सकारात्मक दिशा मिली। सीमा पर सैनिकों की वापसी के बाद शांति और स्थिरता का माहौल बना हुआ है।उन्होंने कहा, हमारे विशेष प्रतिनिधियों के बीच बॉर्डर मैनेजमेंट के संबंध में सहमति बनी है। कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हुई है। दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी फिर से शुरू की जा रही हैं। हमारे सहयोग से दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के हित जुड़े हैं। इससे पूरी मानवता के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
डायरेक्ट फ्लाइट, मानसरोवर यात्रा फिर शुरू
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, हमारे विशेष प्रतिनिधियों के बीच सीमा प्रबंधन को लेकर एक समझौता हुआ है। कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हो गई है। दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी दोबारा शुरू की जा रही हैं। हमारे सहयोग से दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के हित जुड़े हुए हैं। यह पूरी मानवता के कल्याण का भी मार्ग प्रशस्त करेगा। हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच दस महीने बाद यह पहली द्विपक्षीय बातचीत हुई। ये दोनों नेता पिछली बार 2024 में रूस के कज़ान में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मिले थे। माना जा रहा है कि पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस बैठक का खास फोकस भारत-चीन संबंधों को मजबूत करने और हाल ही में हुई प्रगति को आगे बढ़ाने पर रहेगा।
भारत-चीन के पास बड़ा मौका
इस बैठक का रास्ता हाल ही में उस समय साफ हुआ जब भारत और चीन ने 3,500 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गश्ती प्रोटोकॉल पर सहमति बनाई. इस समझौते ने चार साल से चल रहे सीमा विवाद को काफी हद तक कम कर दिया है। पीएम मोदी की ये यात्रा दोनों देशों के बीच तनाव कम कर सकती है। चीन और भारत के बीच द्विपक्षीय बातचीत को बढ़ावा देने का एक बड़ा मौका साबित हो सकता है। शी जिनपिंग इस समिट के जरिये दुनिया को ये दिखाने की कोशिश करेंगे कि वो अमेरिका के लीडरशिप वाले ग्लोबल ऑर्डर का एक विकल्प दे सकते हैं। इसके साथ ही एससीओ समिट से ये मैसेज भी जाएगा कि चीन, रूस, ईरान और अब भारत को अलग-थलग करने की अमेरिकी कोशिशें नाकाम रही है।

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