राम मंदिर दान मामले में आरोपियों की संपत्ति जांच तेज, पुलिस को मिले अहम रिकॉर्ड
राम मंदिर दान मामले में आरोपियों की संपत्ति जांच तेज, पुलिस को मिले अहम रिकॉर्ड
अयोध्या । अयोध्या पुलिस ने राम मंदिर दान प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों के जमीन और बैंक रिकॉर्ड हासिल किए हैं, इसके बाद अपराध से अर्जित संपत्ति (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) की जांच को और तेज किया गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि राजस्व विभाग से आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों के भूमि रिकॉर्ड मांगे गए थे, जिसमें से अब तक लगभग 20 भूखंडों से संबंधित दस्तावेज पुलिस को मिल चुके हैं। इन दस्तावेजों का गहन सत्यापन हो रहा है।
जांच दल विशेष रूप से यह ध्यान दे रहा हैं कि संबंधित संपत्तियां कब खरीदी गईं और आरोपियों का राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ाव कब हुआ। इन दोनों तारीखों का मिलान जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि यदि यह सामने आता है कि आरोपियों ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ने के बाद इन संपत्तियों को खरीदा है और उनके लिए इस्तेमाल हुआ धन का स्रोत संदिग्ध पाया जाता है, तब प्रशासन इन्हें अपराध से अर्जित संपत्ति मानकर आगे की कानूनी कार्रवाई कर सकता है।
इसके पहले अयोध्या पुलिस ने आरोपी अविनाश शुक्ला की निशानदेही पर एक वाहन को अपराध से अर्जित संपत्ति मानकर जब्त किया था। वहीं, जांच एजेंसियों को हाल ही में महत्वपूर्ण तस्वीर भी मिली है, जिसमें दो आरोपी अविनाश और अनुकल्प मिश्रा मंदिर के नकदी गिनती केंद्र के अंदर दिखाई दे रहे हैं। यह तस्वीर जांच में एक अहम सबूत है, क्योंकि यह आरोपियों को उस कमरे में दिखाती है जहां श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की गिनती और आगे की प्रक्रिया के लिए तैयारी होती थी।
मामले में अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें अविनाश और अनुकल्प मिश्रा के अलावा टीनू यादव, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव भी शामिल हैं। पुलिस इस मामले में हर पहलू से जांच कर रही है ताकि सभी दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जा सके।
