'जय जगन्नाथ' के नारों के साथ रथ यात्रा 2023 शुरू - Update Now News

‘जय जगन्नाथ’ के नारों के साथ रथ यात्रा 2023 शुरू

 

पुरी। भगवान जगन्नाथ और उनके भाई भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों को ‘हरि बोल’ और ‘जय जगन्नाथ’ के नारों के बीच मंगलवार को निर्धारित समय से थोड़ा पहले खींचना शुरू कर दिया गया। रथ ग्रैंड रोड पर निकलने के साथ ही पवित्र त्रिमूर्ति ने श्री गुंडिचा मंदिर के लिए अपनी नौ दिवसीय यात्रा शुरू की। हाड़ी बिजे से लेकर छेरा पन्हारा तक तीन देवताओं के अनुष्ठानों के पूरा होने के बाद बेहद आध्यात्मिक वातावरण में तीर्थ नगरी में हजारों भक्तों ने रथ खींचना शुरू किया। पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने अपने शिष्यों और सेवकों के साथ अपने-अपने रथों पर सवार देवताओं की पूजा की। इस अनुष्ठान के बाद पुरी के गजपति महाराजा दिब्यसिंह देब अपनी शाही पालकी में पहुंचे और पुजारियों द्वारा मंत्रोच्चार के बीच, सोने के झाडू से रथों की औपचारिक सफाई यानी छेरा पन्हारा अनुष्ठान किया। पहांडी अनुष्ठान सुबह 9.30 बजे के निर्धारित समय से करीब एक घंटा पहले 8.35 बजे शुरू हुआ और दोपहर 12 बजे तक अनुष्ठान संपन्न हुआ। पुरी कलेक्टर समर्थ वर्मा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि रथ समय पर शारदाबली पहुंचेंगे। अपराह्न् लगभग 3.04 बजे सेवादारों द्वारा तीन विशाल रथों को खींचना शुरू किया गया। भगवान बलभद्र के तालध्वज को पहले खींचा गया, उसके बाद देवी सुभद्रा के दर्पदलन और भगवान जगन्नाथ के नंदीघोष को। गुंडिचा मंदिर में पहांड़ी अनुष्ठान बुधवार सुबह आयोजित किया जाएगा।

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Date : 21 June 2023 Posted By : EDITOR
‘जय जगन्नाथ’ के नारों के साथ रथ यात्रा 2023 शुरू
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पुरी। भगवान जगन्नाथ और उनके भाई भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों को 'हरि बोल' और 'जय जगन्नाथ' के नारों के बीच मंगलवार को निर्धारित समय से थोड़ा पहले खींचना शुरू कर दिया गया। रथ ग्रैंड रोड पर निकलने के साथ ही पवित्र त्रिमूर्ति ने श्री गुंडिचा मंदिर के लिए अपनी नौ दिवसीय यात्रा शुरू की। हाड़ी बिजे से लेकर छेरा पन्हारा तक तीन देवताओं के अनुष्ठानों के पूरा होने के बाद बेहद आध्यात्मिक वातावरण में तीर्थ नगरी में हजारों भक्तों ने रथ खींचना शुरू किया। पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने अपने शिष्यों और सेवकों के साथ अपने-अपने रथों पर सवार देवताओं की पूजा की। इस अनुष्ठान के बाद पुरी के गजपति महाराजा दिब्यसिंह देब अपनी शाही पालकी में पहुंचे और पुजारियों द्वारा मंत्रोच्चार के बीच, सोने के झाडू से रथों की औपचारिक सफाई यानी छेरा पन्हारा अनुष्ठान किया। पहांडी अनुष्ठान सुबह 9.30 बजे के निर्धारित समय से करीब एक घंटा पहले 8.35 बजे शुरू हुआ और दोपहर 12 बजे तक अनुष्ठान संपन्न हुआ। पुरी कलेक्टर समर्थ वर्मा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि रथ समय पर शारदाबली पहुंचेंगे। अपराह्न् लगभग 3.04 बजे सेवादारों द्वारा तीन विशाल रथों को खींचना शुरू किया गया। भगवान बलभद्र के तालध्वज को पहले खींचा गया, उसके बाद देवी सुभद्रा के दर्पदलन और भगवान जगन्नाथ के नंदीघोष को। गुंडिचा मंदिर में पहांड़ी अनुष्ठान बुधवार सुबह आयोजित किया जाएगा।

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