Selfless service is the greatest service in the world: PM Modi

निष्काम सेवा ही दुनिया की सबसे बड़ी सेवा है, आनंदपुर धाम इसे निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रहा : PM मोदी

निष्काम सेवा ही दुनिया की सबसे बड़ी सेवा है, आनंदपुर धाम इसे निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रहा : PM मोदी

गरीबों की सेवा ही परमार्थ है, यही सच्ची मानव सेवा है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश अजब और गजब है, विरासत के संरक्षण के साथ विकास के लिए मध्यप्रदेश में सिंहस्थ 2028 की हो रही तैयारियां

इंदौर : प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि सेवा ऐसी गंगा है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति डुबकी लगाए तो उसका जीवन सार्थक हो सकता है। आज आनंदपुर धाम आकर मन अभिभूत है, जिस भूमि का कण-कण संतों की तपस्या से सींचा गया है, जहां सेवा के संकल्प मानवता का पथ प्रशस्त करते हों, वो धरती साधारण नहीं है। उन्होंने कहा कि यहां मंदिर में दर्शन किए और सेवा कार्यों की जानकारी ली तो हृदय आनंदित हो गया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पर्यावरण संरक्षण क्षेत्र में श्री आनंदपुर ट्रस्ट के प्रयास सराहनीय और अनुकरणीय है। केन्द्र सरकार भी सेवा की भावना को केन्द्र में रखकर निर्धन वर्ग के लिए नि:शुल्क अनाज, पेयजल, आवास और स्वास्थ्य से जुड़ी जनकल्याण की योजनाओं का संचालन कर रही है। देश में नए-नए एम्स, आईआईटी, आईआईएम संस्थान प्रारंभ किए जा रहे हैं। हमारा पर्यावरण संरक्षित हो, इसके लिए एक पेड़ मां के नाम अभियान जारी है। गरीब और वंचित व्यक्तियों के उत्थान के लिए सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास-सबका प्रयास का मंत्र सरकार की नीति और निष्ठा है। सेवा की भावना हमारे व्यक्तित्व को निखारती है और व्यक्ति को बड़े उद्देश्यों से जोड़ती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी शुक्रवार को अशोकनगर के आनंदपुर धाम में वार्षिक वैशाखी मेले और संस्था के गुरू महाराज के अवतरण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, वरिष्ठ सांसद श्री वी.डी. शर्मा, सांसद श्री जनार्दन सिंह सिग्रीवाल सहित बड़ी संख्या में आनंदपुर धाम के अनुयायी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आश्रम के गुरू महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आनंदपुर धाम मंदिर परिसर का भ्रमण किया और गुरुजी महाराज मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आनंद सरोवर की आरती उतारी और पुष्प अर्पित किए। आनंदपुर में हर वर्ष तीन दिवसीय वैशाखी मेला लगता है। इस वर्ष भारत के विभिन्न राज्यों से लगभग 20 हजार लोग आनंदपुर पहुंचे हैं।
आनंदपुर क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि अशोकनगर के आनंदपुर क्षेत्र का विकास हमारा दायित्व है। इस क्षेत्र में कला, संस्कृति अर्थात् विरासत से विकास की अपार संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में चंदेरी साड़ी को जीआई टैग प्राप्त हुआ है। प्राणपुर में हैंण्डलूम विलेज प्रारंभ किया गया है। मध्यप्रदेश में विरासत के संरक्षण के साथ विकास के प्रयास हो रहे हैं। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सिंहस्थ : 2028 की तैयारियां भी प्रारंभ करवा चुके हैं। प्रदेश की सरकार और नागरिक विकास में जुट गए हैं।
आनंदपुर की धरती पर शोक भी आने डरता है
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि इस धरती पर परमार्थ और सेवा के संकल्प जारी हैं, ये धरती सामान्य नहीं है। अशोकनगर की धरती पर शोक भी आने से डरता है। गुरु महाराज जी के अवतरण दिवस पर यहां आने का सुअवसर मिला है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने स्वामी अद्वैत जी महाराज एवं संस्थान की सभी पादशाही महाराज को प्रणाम करते हुए द्वितीय और तृतीय पादशाही के समाधि दिवस पर उनके चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मां विजयासन और अशोकनगर जिले के श्रद्धा स्थल करीला धाम की मां जानकी देवी को भी प्रणाम किया।
शंकराचार्य जी से लेकर परमहंस अद्वैत जी महाराज तक अद्वैत दर्शन का महत्व
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि भारत भूमि-ऋषियों की रही है। समाज जब किसी मुश्किल दौर से गुजरता है तो कोई ऋषि अवश्य अवतरित होता है। आदि शंकराचार्य ने अद्वैत से हम सबका परिचय करवाया। उस कालखंड में ऐसे ऋषि-मुनि आए जिन्होंने अद्वैत का विचार रखकर समाज को जागृत करने का कार्य किया। इसी परम्परा में परमहंस अद्वैत जी महाराज ने भी इस विचार एवं ज्ञान को सरल बनाया और जन सामान्य के बीच पहुंचाने का बीड़ा उठाया। आज भौतिक उन्नति के बीच दुनिया के देशों में युद्ध और संघर्ष सहित कई चिंताएं विद्यमान हैं, जो मानव को मानव से दूर करती हैं। इनका समाधान अद्वैत के विचार में मिलेगा। अद्वैत यानी जहां कोई द्वैत नहीं है। अपने और पराये की मानसिकता का त्याग करते हुए जीव मात्र में एक ही ईश्वर को देखने का विचार इस दर्शन में शामिल है। संपूर्ण सृष्टि को ईश्वर के रूप में देखना ही अद्वैत है। परमहंस दयाल जी महाराज कहते थे कि जो तू है, सो मैं हूं… यह विचार मेरे और तुम्हारे का भेद खत्म कर देता है। अगर कोई यह विचार मान ले तो सारे झगड़े खत्म हो जाएं।
श्री आनंदपुर ट्रस्ट के सेवा प्रकल्प सराहनीय
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि गुरु महाराज ने आनंद धाम के नियम और कर्तव्यों के बारे में आज विस्तार से बताया है। सेवाभाव यहां का प्रमुख कार्य है। ट्रस्ट की ओर से मनोयोगपूर्वक संचालित सेवा कार्यों में अस्पताल, गौ-शाला, नई पीढ़ी के निर्माण के लिए अच्छी शिक्षा देने वाले स्कूल और पर्यावरण संरक्षण के प्रकल्प शामिल हैं। आश्रम के अनुयायियों ने हजारों एकड़ बंजर जमीन को हरा-भरा बनाया है। सेवा की यही भावना हमारी सरकार के केंद्र में है। यह हमें व्यक्तिगत चिंता से हटाकर समाज और राष्ट्र से जोड़ती है।
राम वन गमन पथ का विकास होकर रहेगा, मध्यप्रदेश में है पथ का बड़ा हिस्सा
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि कठिनाइयों से लड़ना और जीतना हम सेवा से सीखते हैं। सेवा एक साधना है। देश में राम वन गमन पथ का विकास किया जा रहा है। राम वन गमन पथ का बड़ा हिस्सा मध्यप्रदेश से गुजरता है। मध्यप्रदेश पहले से अजब और गजब है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा गया है। हमें अपनी संस्कृति को संरक्षित करते हुए आगे बढ़ना है। संस्कृति ही हमें सामर्थ्य देती है। भारत जैसे देश को उम्मीद है कि आनंदपुर धाम इस कार्य में हमारे प्रयासों को ऊर्जा देते हुए आगे बढ़ाएगा।
समारोह को संबोधित करते हुए संस्थान के वर्तमान पीठाधीश्वर श्रीश्री 108 हुजूर सतगुरु महाराज ने कहा कि कबीर साहिब कहते हैं कि ईश्वर का नाम ही सत्य है, बाकी सभी सांसारिक चीजें झूठी हैं। उसी प्रकार महापुरुषों का नाम भी सत्य है। दुनिया में जो आए हैं, वो सभी यहां से जाएंगे। अपने सांसारिक जिम्मेदारियों के साथ ईश्वर का स्मरण करना नहीं भूलना चाहिए। प्रारंभ में श्री शब्द परमानंद जी ने स्वागत उदबोधन में कहा कि स्वामी गुरू महाराज जी की छत्रछाया में यह सत्संग हो रहा है। भगवान जिसे अपना सेवक चुन लेते हैं, उसे आनंदपुर धाम जैसा सत्संग प्रदान करते हैं। श्री शब्द परमानंद ने सभी अनुयायियों की ओर से प्रधानमंत्री श्री मोदी जी का हार्दिक अभिनंदन करते हुए कहा कि इस धाम की स्थापना सेवा धाम के रूप में की गई है। इसमें भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के उपदेश शामिल हैं। समाज कल्याण के लिए जो कार्य करता है, उसका साथ भगवान भी देते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में प्रयागराज में हुए विशाल महाकुंभ आयोजन सम्पन्न हुआ। साथ ही अयोध्या में श्रीराम, मंदिर का शुभारंभ हो गया है। भगवान से जो कुछ नहीं मांगता, उसे भगवान स्वयं मिल जाते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत का गौरव बढ़ रहा है।
आनंदधाम से सीखा, गरीबों की सेवा ही ईश्वर सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गरीबों की सेवा करो, और उनकी आत्मा में रच-बस जाओ, यही परमार्थ है, यही सच्ची मानव सेवा है। गुरुजी महाराज की सेवा भावना से हमें भी प्रेरणा मिलती है। शांति का जो पाठ उन्होंने समाज को दिया है वह अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरु जी महाराज ने इस आनंदधाम को सेवा का केंद्र बनाया है। हमारी सरकार भी ऐसा ही सेवा केंद्र बनाएगी। हम गौमाता की भी सेवा करेंगे। उन्होंने कहा कि आनंदधाम अपने नाम को धन्य और सार्थक कर रहा है। आनंद धाम से हमने सीखा है कि गरीबों की सेवा कर ईश्वर के करीब कैसे आया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रेम और अपनत्व के इस सुख सागर में बार-बार डुबकी लगाने वे यहां जरूर आएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Releated

IMD की रिपोर्ट : बिहार, यूपी और दिल्ली समेत देश के 30 सब-डिवीजन में सामान्य से कम बारिश

Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱IMD की रिपोर्ट: बिहार, यूपी और दिल्ली समेत देश के 30 सब-डिवीजन में सामान्य से कम बारिश नई दिल्ली: दक्षिण झारखंड और उससे सटे उत्तर-आंतरिक ओडिशा (North Interior Odisha) पर स्थित अवदाब (Depression) सोमवार को आगे बढ़ा जिसकी वजह से ओडिशा और झारखण्ड में काफी अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गयी. […]

India Rising: Road to EWC Powered by BASF Concludes in Mumbai with CM’s Address, Benjamin Bok Secures Esports World Cup 2026 Spot

Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱India Rising: Road to EWC Powered by BASF Concludes in Mumbai with CM’s Address, Benjamin Bok Secures Esports World Cup 2026 Spot Mumbai: CM of Maharashtra Shri. Devendra Fadnavis positions Maharashtra as a future hub for gaming and esports as India Rising: Road to EWC brings together global competition, creators […]