World Environment Day पर मोनिका चौहान कहती हैं, "प्रकृति इंसान को तरोताजा और उनका स्ट्रेस दूर रखता है" - Update Now News

World Environment Day पर मोनिका चौहान कहती हैं, “प्रकृति इंसान को तरोताजा और उनका स्ट्रेस दूर रखता है”

 

मुंबई :हम एक ऐसी पीढ़ी में रहते हैं जहां बाहर से ज्यादा हमारे घर में पौधे होते है। आज यह बहुत ज़रूरी है की हम अधिक पेड़ लगाए, हमारे बगीचों को फिर से हरा भरा करे, प्लास्टिक का कम उपयोग करे और जिम्मेदार नागरिक बने। आज वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे पर, अभिनेत्री मोनिका चौहान, जो दंगल टीवी के शो रंजू की बेटीयां में शालू की भूमिका निभाती हैं, विश्वास रखती हैं कि हमे एक सस्टेनेबल जीवन जीना चाहिए और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अपने योगदान के बारे में साझा करती हैं। शिमला की रहने वाली मोनिका हमेशा प्रकृति के करीब रही हैं और उसे बचाने की कोशिश करती हैं। निका चौहान कहती हैं, “इस लॉकडाउन के दौरान मैंने एक बात सीखी है कि अपने पर्यावरण को हल्के में लें। शिमला में पैदा होने के कारण मैं हमेशा प्रकृति के बीच रही हूं। प्रकृति मुझे कंपलीट और पॉजिटिव करती है। एक जिम्मेदार नागरिक की तरह, मैंने कुछ उपाय किए हैं, जब मैं कमरे में नहीं होती हूं तो लाइट बंद कर देती हूं, जितना चाहिए उतने ही पानी का उपयोग करने की कोशिश करती हूं। मैं उन लोगों में से एक हूं जो हर चीज को साफ रखना पसंद करते हैं। मेरी बालकनी पर बहुत सारे पौधे हैं, वे मुझे हर समय खुश और तरोताजा रखते हैं। मेरा मानना है कि अगर आप प्रकृति के करीब हैं तो आप शांत महसूस करते हैं। यह स्ट्रेस दूर करता है। यही कारण है कि मैं हर दिन प्रकृति से जुड़े रहना चाहती हूं।”

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Date : 05 June 2021 Posted By : EDITOR
World Environment Day पर मोनिका चौहान कहती हैं, “प्रकृति इंसान को तरोताजा और उनका स्ट्रेस दूर रखता है”
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मुंबई :हम एक ऐसी पीढ़ी में रहते हैं जहां बाहर से ज्यादा हमारे घर में पौधे होते है। आज यह बहुत ज़रूरी है की हम अधिक पेड़ लगाए, हमारे बगीचों को फिर से हरा भरा करे, प्लास्टिक का कम उपयोग करे और जिम्मेदार नागरिक बने। आज वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे पर, अभिनेत्री मोनिका चौहान, जो दंगल टीवी के शो रंजू की बेटीयां में शालू की भूमिका निभाती हैं, विश्वास रखती हैं कि हमे एक सस्टेनेबल जीवन जीना चाहिए और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अपने योगदान के बारे में साझा करती हैं। शिमला की रहने वाली मोनिका हमेशा प्रकृति के करीब रही हैं और उसे बचाने की कोशिश करती हैं। निका चौहान कहती हैं, “इस लॉकडाउन के दौरान मैंने एक बात सीखी है कि अपने पर्यावरण को हल्के में लें। शिमला में पैदा होने के कारण मैं हमेशा प्रकृति के बीच रही हूं। प्रकृति मुझे कंपलीट और पॉजिटिव करती है। एक जिम्मेदार नागरिक की तरह, मैंने कुछ उपाय किए हैं, जब मैं कमरे में नहीं होती हूं तो लाइट बंद कर देती हूं, जितना चाहिए उतने ही पानी का उपयोग करने की कोशिश करती हूं। मैं उन लोगों में से एक हूं जो हर चीज को साफ रखना पसंद करते हैं। मेरी बालकनी पर बहुत सारे पौधे हैं, वे मुझे हर समय खुश और तरोताजा रखते हैं। मेरा मानना है कि अगर आप प्रकृति के करीब हैं तो आप शांत महसूस करते हैं। यह स्ट्रेस दूर करता है। यही कारण है कि मैं हर दिन प्रकृति से जुड़े रहना चाहती हूं।"

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