पेट्रोल और डीजल के 15 मई से पहले बढ़ सकते हैं दाम!
पेट्रोल और डीजल के 15 मई से पहले बढ़ सकते हैं दाम!
युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, भारत में तेल कंपनियां को नुकसान
नई दिल्ली । युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमतें सातवें आसमान पर हैं। इसके बाद भी सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में घरेलू स्तर पर कोई इजाफा नहीं किया है, लेकिन आने वाले एक हफ्ते में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। बता दें, ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की वजह से कच्चे तेल का रेट 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 126 डॉलर प्रति बैरल के पहुंच गया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 15 मई से पहले इजाफा होगा। कच्चे तेल की कीमतों में जारी तेजी की वजह से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को हर एक महीने 30,000 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। बता दें युद्ध की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित हुआ है। इसी रास्ते से दुनिया का 20 फीसदी तेल गुजरता है। तेल की सप्लाई प्रभावित होने की वजह से दुनिया भर में कच्चे तेल का रेट काफी तेजी से बढ़ा है, जिसकी वजह से कई देशों में पेट्रोल और डीजल के रेट में भारी इजाफा देखने को मिला है। हॉन्ग कॉन्ग में पेट्रोल का रेट 295 रुपए, सिंगापुर में 240, नीदरलैड्स में 225, इटली में 210 और यूके में 195 रुपए के स्तर पर पहुंच गए। वहीं, भारत में यह 95 रुपए के आस-पास बना हुआ है।
इंडस्ट्री के अनुमान के मुताबिक पेट्रोल पर 24 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 30 रुपए प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। सरकार की तरफ से तेल कंपनियों को राहत देने के लिए बीते महीने एक्साइज ड्यूटी में कटौती की गई थी। वहीं, अपनी सप्लाई को बेहतर करने के लिए भारत रूस, अमेरिका और अन्य देशों से तेल खरीद रहा है। मौजूदा समय में रिफाइनरी 100 प्रतिशत की क्षमता के साथ ऑपरेट कर रही हैं। देश के नजरिए से यह अच्छी बात है।
