Sweden built nuclear-preventive bunkers to protect citizens

तीसरे विश्व युद्ध की आहट: नागरिकों की सुरक्षा के लिए स्वीडन ने बनाए परमाणु निरोधक बंकर

तीसरे विश्व युद्ध की आहट: नागरिकों की सुरक्षा के लिए स्वीडन ने बनाए परमाणु निरोधक बंकर

स्टॉकहोम। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच स्वीडन को लगने लगा है कि तीसरा विश्व युद्ध होगा। इसी आशंका के बीच स्वीडन ने आपनी तैयारी शुरु कर दी है। नागरिकों को सुरक्षित करने के लिए 64 हजार से अधिक सुरक्षा बंकर और आश्रय स्थल बनाए हैं। इससे नागरिकों को शारीरिक, रासायनिक, जैविक, और परमाणु हमलों के नुकसान से बचाया जा सकता है। स्वीडन की नागरिक सुरक्षा एजेंसी (एमएसबी) ने घोषणा की है कि वह अपनी नागरिक सुरक्षा बंकरों के नवीनीकरण के लिए 100 मिलियन क्रोनर का निवेश करेगी। इस कदम का उद्देश्य नागरिकों को शारीरिक, रासायनिक, जैविक, और परमाणु हमलों से बचाना है।
स्वीडन में पहले से ही लगभग 64,000 सुरक्षा बंकर और आश्रय स्थल हैं, जो दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक हैं। ये बंकर लगभग सात मिलियन नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम हैं, जो स्वीडन की कुल जनसंख्या का दो-तिहाई हिस्सा है। इसके बावजूद, स्वीडन ने अपने सुरक्षा उपायों को और अधिक उन्नत करने के लिए बंकरों की जांच और नवीनीकरण प्रक्रिया को तेज कर दिया है। विशेष रूप से, मार्च 2024 में स्वीडन के नाटो में शामिल होने के बाद से इन बंकरों की सुरक्षा पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। स्वीडन के नागरिक सुरक्षा मंत्री ने बताया कि इस नवीनीकरण परियोजना के तहत, बंकरों में मौजूद फिल्टर सिस्टम को उन्नत किया जाएगा ताकि रासायनिक और रेडियोलॉजिकल हमलों से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अतिरिक्त, इन बंकरों को परमाणु हमलों, बम के टुकड़ों, शॉकवेव्स, और हीटवेव से बचाव के लिए भी डिजाइन किया गया है। बंकरों में नागरिकों को रेडियोधर्मी फॉलआउट, रासायनिक गैस, और जैविक हथियारों से सुरक्षा प्राप्त होगी।
स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने जनवरी 2024 में कहा था, स्वीडन युद्ध में नहीं है, लेकिन शांति भी नहीं है। यह बयान यूरोप में बढ़ते सुरक्षा खतरे और एक संभावित बड़े संघर्ष की आशंका को दर्शाता है। स्वीडन में इस प्रकार की तैयारियां विशेष रूप से इसलिए की जा रही हैं क्योंकि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के परिणामस्वरूप सुरक्षा स्थिति अस्थिर हो गई है। स्वीडन ने इस प्रकार के खतरे से निपटने के लिए अपनी नागरिकों को जागरूक करने के लिए एक किताब यदि संकट या युद्ध आता है वितरित की है। इस किताब में नागरिकों को युद्ध, प्राकृतिक आपदाओं, साइबर हमलों, और आतंकवाद जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयारी करने के तरीके बताए गए हैं।
किताब में खासतौर पर परमाणु हमलों से बचाव की जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया है कि परमाणु, जैविक या रासायनिक हमलों की स्थिति में, नागरिकों को सुरक्षित जगह पर आश्रय लेना चाहिए, जैसे कि बंकरों, बेसमेंट या सबवे में। स्वीडन की यह पहल यूरोप में बढ़ती सुरक्षा चिंता का हिस्सा है, जहां कई देशों ने अपनी सैन्य तैयारियों को बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं। यूरोपीय संघ ने हाल ही में एक निर्देश जारी किया था जिसमें कहा गया था कि हर घर में तीन दिन की उत्तरजीविता किट रखी जानी चाहिए, जिसमें पानी, ऊर्जा बार, टॉर्च और माचिस जैसी आवश्यक वस्तुएं शामिल होनी चाहिए। इसके अलावा, फिनलैंड और पोलैंड जैसे देशों ने अपनी सैन्य क्षमताओं को और मजबूत करने के लिए रक्षा योजनाओं को फिर से तैयार किया है।

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