Student Mangubhai Patel became a disciplined ideal citizen

MP: अनुशासित और संयमित रहकर आदर्श नागरिक बने विद्यार्थी : श्री मंगुभाई पटेल

 

अनुशासित और संयमित रहकर आदर्श नागरिक बने विद्यार्थी : श्री मंगुभाई पटेल
राज्यपाल ने किया मेनिट के तूर्यनाद- 24 महोत्सव का शुभारम्भ

भोपाल :राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि विद्यार्थी अनुशासित और संयमित रह कर आदर्श नागरिक बने। अपने जीवन और शिक्षा की यात्रा में उपयोगी चीजों को ही महत्व दे। नैतिकता, अनुशासन और एकाग्रता को भंग करने वाली गतिविधियों से दूर रहे। राज्यपाल श्री पटेल मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल में आयोजित तूर्यनाद- 24 महोत्सव के शुभारम्भ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि भारत की इतिहास और संस्कृति में सेवा और संस्कारों की महान सीख विद्यमान है। विद्यार्थी अपने माता-पिता और गुरुजनों का हमेशा आदर करे। उनकी सीख और एहसानों के प्रति जीवन भर आभारी रहे। हमेशा परिवार, समाज और राष्ट्र के सम्मान को बढ़ाने वाले काम करे।
भारतीय परम्पराओं से जुड़े रहे युवा
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि युवा, तकनीकी ज्ञान के साथ भारत की ऐतिहासिक और गौरवशाली परम्पराओं से जुड़े रहें, क्योंकि विकास के लिए तकनीकी प्रगति जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और भाषायी प्रगति भी जरूरी है। सांस्कृतिक और भाषायी प्रगति के बिना तकनीकी प्रगति अधूरी है। उन्होंने कहा कि जीवन में वैज्ञानिक और व्यावसायिक उपलब्धियों और चुनौतियों के बीच व्यावहारिक ताल-मेल स्थापित करना होगा। यही समन्वय हमें वास्तविक आनन्द प्रदान करता है। समर्पण, संवेदनशीलता और सेवा के गुण, मानवता के विकास के हमेशा आधार रहे हैं।
शिक्षक, भारतीय जीवन मूल्यों और संस्कारों से दीक्षित करे
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने संस्थान के शिक्षकों से कहा कि छात्रों को भारतीय जीवन मूल्यों और संस्कारों से दीक्षित करे। विद्यार्थियों को समाज और राष्ट्र विकास की जरूरतों और चुनौतियों के समाधान खोजने और वंचित वर्गों की क्षमता विकास में सहयोग की प्रेरणा दे। उन्हें हमारें भौगोलिक, पारिस्थितिक, आर्थिक, सामाजिक सांस्कृतिक परिवेश तथा समसामयिक चुनौतियों के समाधान में योगदान के लिए प्रोत्साहित करे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि हमारे विद्यार्थियों के संस्कारों में जड़ से जग तक, मनुज से मानवता तक और अतीत से आधुनिकता तक, सभी पहलुओं का समावेश होना आवश्यक है। शिक्षक नई शिक्षा नीति के आलोक में तकनीकी दक्षता राष्ट्रीय, सामाजिक चुनौतियों के समाधान खोजने के प्रयासों करे।
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल का कार्यक्रम में पौधा भेंट कर स्वागत और शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। तूर्यनाद-24 महोत्सव की संयोजक श्रीमती सविता दीक्षित ने स्वागत उद्बोधन दिया। मेनिट के निदेशक डॉ. के.के. शुक्ल ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप संस्थान की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। अधिष्ठाता छात्र कल्याण श्री शैलेन्द्र जैन ने महोत्सव की रूपरेखा प्रस्तुत की। आभार छात्र संघ के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र जाट ने व्यक्त किया। शुभारम्भ कार्यक्रम में संस्थान के अधिष्ठातागण और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Releated

1 अगस्त से बड़ा बदलाव: LPG, पेट्रोल-डीजल, ITR और रेल टिकट के नए नियम लागू

Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱1 अगस्त से बड़ा बदलाव: LPG, पेट्रोल-डीजल, ITR और रेल टिकट के नए नियम लागू Mumbai: अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही आज ,1 अगस्त से देशभर में कई बड़े नियम लागू हो गए हैं. इन बदलावों का सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर […]

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 : जूडो में भारत का ऐतिहासिक धमाका, अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने जीते गोल्ड मेडल; राजनाथ सिंह ने दी बधाई

Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 : जूडो में भारत का ऐतिहासिक धमाका, अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने जीते गोल्ड मेडल; राजनाथ सिंह ने दी बधाई ग्लासगो। ग्लासगो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शुक्रवार का दिन भारतीय जूडो के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। भारतीय जूडोकाओं ने अपने शानदार प्रदर्शन […]